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155 लाख करोड़ रुपए कर्ज के बोझ से दबा भारत,गृह मंत्री ने 1.5 लाख करोड़ के क़र्ज़ की बात कह भूपेश सरकार को घेरा ... Featured

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नई दिल्ली / आज हर भारतीय के ऊपर है 1 लाख का क़र्ज़ है . मोदी सरकार की उपलब्धि की बात करे तो मोदी सरकार के 9 साल के कार्यकाल में भरत सरकार के कर्ज में 70 साल की सरकार की तुलना मे तीन गुना से ज्यादा वृद्धि हुई . साल 2014 तक भारत सरकार पर 31 लाख करोड़ रुपए का क़र्ज़ था जो अब बढ़ कर 155 लाख करोड़ रूपये हो गए . केन्द्रीय मंत्री अमित शाह ने दुर्ग के सम्मलेन में प्रदेश की भूपेश सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश सरकार के ऊपर 1.5 लाख करोड़ का क़र्ज़ हो गया कहते है ना जब किसी पर एक ऊँगली उठाओ तो बांकी की चार उंगलिया खुद के तरफ उठती है कुछ ऐसी ही कहावत आज देखने को मिली केन्द्रीय मंत्री ने प्रदेश की क़र्ज़ की स्थिति तो बता दी किन्तु देश के क़र्ज़ कि स्थिति के बारे में कुछ नहीं बताया . देश और प्रदेश की जनता को ये जानने का अधिकार है कि वर्तमान में देश और प्रदेश की आर्थिक स्थिति और क़र्ज़ की स्थिति क्या है . वर्तमान में छत्तीसगढ़ में क़र्ज़ की स्थिति की बात करे तो विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल और जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के विधायक प्रमोद कुमार शर्मा के सवाल के लिखित जवाब में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बताया कि जनवरी 2023 की स्थिति में राज्य सरकार पर 82.125 करोड़ रुपए का ऋण है। विधानसभा में प्रश्न के उत्तर में सीएम बघेल लिखित उत्तर में बताया सरकार गठन से एक दिन पहले यानी 16 दिसंबर 2018 को सरकार पर 41 हजार 695 करोड़ रुपए का कर्ज था।
अब 2023 में भारत सरकार पर कुल कर्ज बढ़कर 155 लाख करोड़ रुपए हो गया है। भारत की कुल आबादी 140 करोड़ मान लें तो आज के समय में हर भारतीय पर 1 लाख रुपए से ज्यादा कर्ज है। इसी तरह अब अगर विदेशी कर्ज की बात करें तो 2014-15 में भारत पर विदेशी कर्ज 31 लाख करोड़ रुपए था।

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