नवागढ़ / शौर्यपथ / विश्व विख्यात दिव्यांग पर्वतारोही चित्रसेन साहू का नवागढ के गुरुकुल विद्यालय में आगमन हुआ। इस दौरान उन्होंने बच्चों से अपने अनुभवों को साझा किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता नगर प्रधान विकास धर दीवान, विशिष्ट अतिथि रिटायर्ड सैनिक हरीश अवस्थी व महिला नेत्री मधु राय रहीं।
विद्यालय के संचालक राजेश धर दीवान ने परिचय देते हुए बताया कि चित्रसेन साहू जो पेशे से सिविल इंजीनियर है एक रेल हादसे मे उनके दोनो पैर कट गए किंतु हौसला और आत्म विश्वास के बल से कृत्रिम पैर से सेवन सम्मिट का लक्ष्य रखा।जिसमे से तीन महाद्वीप अफ्रीका,आस्ट्रेलिया और युरोप के सबसे उँची छोटी मे तिरंगा फहरा चुके हैं। अगला लक्ष्य दक्षिण अमेरिका के 22841 फीट ऊंची पहाड़ी माऊँट एकन्गुआ मे भारत का झंडा लहराना चाहतें हैं।
पर्वतारोही चित्रसेन साहू ने कहा कि वही होता है जहां ईश्वर की मर्जी होती है। उन्होंने कहा कि हमारे अंदर असीमित संभावनाएं होती है बशर्ते जरूरत है कि हम लक्ष्य के प्रति ईमानदार रहें। मुझे अपने लक्ष्य की प्राप्ति में रास्तों में अनेक कठिनाइयां आयी, लेकिन मैंने सभी कठिनाइयों को दूर कर दृढ़ निश्चय से अपना लक्ष्य प्राप्त किया। आज हमें आवश्यकता है हम समस्या नहीं समाधान प्रधान बने तभी हमें लक्ष्य की प्राप्ति होगी। उन्होंने उपस्थित शिक्षकों व पालकों से अनुरोध किया कि बच्चों पर अपना इच्छा ना डालें। उनकी योग्यताओं व रुचि को पहचान कर ही उन्हें अवसर प्रदान करें।
बच्चों के प्रश्नों का उत्तर देते हुए उन्होंने बताया कि उन्होंने पहला माउंटेन अफ्रीका के किलिमंजारो को फतह किया था वही उनके संघर्ष के समय में परिवार एवं मित्रों का विशेष सहयोग मिला था। श्री दीवान ने कहा कि गुरुकुल विद्यालय बधाई का पात्र है कि यहां हमेशा देश व समाज में विशेष योगदान देने वाले लोगों का आगमन होता है। जिससे बच्चों को कुछ ना कुछ पढ़ाई के अतिरिक्त विशेष ज्ञान मिलता है। उन्होंने पर्वतारोही साहू की सराहना करते हुए कहा कि सारी मुश्किलों और कठिनाइयों को दूर कर उन्होंने हमारे लिए एक मिसाल कायम की है हर किसी को उनसे कुछ सीखना चाहिए। इस दौरान अश्वनी दीवान, वीरेंद्र जायसवाल, मेघा दीवान, दिलीप जायसवाल सहित शिक्षक व बच्चे उपस्थित रहे।