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May 24, 2026
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वीरांगना दुर्गावती साहस, त्याग, बलिदान एवं राष्ट्रभक्ति की जीवन्त प्रतिमूर्ति: संसदीय सचिव मंडावी

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अंबागढ़ चैकी विकासखण्ड के ग्राम कलकसा में किया गया वीरांगना दुर्गावती बलिदान दिवस का आयोजन

राजनांदगांव / शौर्यपथ / संसदीय सचिव इन्द्रशाह मंडावी ने कहा कि वीरांगना महारानी दुर्गावती अद्भूत साहस, त्याग, बलिदान एवं राष्ट्रभक्ति की जीवन्त प्रतिमूर्ति थी। उन्होने कहा कि वीरांगना दुर्गावती ने उस दौर के सबसे शक्तिशाली शासक अकबर से लोहा लेकर अपने समाज, राष्ट्र एवं गोण्डवाना की अस्मिता की रक्षा की थी। वह निश्चित रूप से दुनिया के इतिहास का अनुपम उदाहरण है। श्री मण्डावी शनिवार 24 जून को राजनांदगांव जिले के अंबागढ़ चैकी के ग्राम कलकसा में आयोजित वीरांगना दुर्गावती बलिदान दिवस समारोह को संबोधित कर रहे थे। वे कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता गोण्डवाना समाज के संभागीय अध्यक्ष नरंेद्र नेताम ने किया। कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में गोण्डवाना समाज के पूर्व संभागीय अध्यक्ष जगत सलामे, अधिकारी-कर्मचारी प्रकोष्ठ के संभागीय अध्यक्ष चंद्रेश ठाकुर, संभागीय कोषाध्यक्ष श्री कुमार कोरेटी, तहसील अध्यक्ष संत कुमार नेताम सहित सर्वश्री धिरपाल कुंजाम, चिंताराम सलामे, सुनील ठाकुर, राजेन्द्र नेताम, बंसीलाल जुरेसिया, अनुसूईया ठाकुर सहित अन्य अतिथिगण उपस्थित थे।
श्री मण्डावी ने सभी स्वजाति जनों को वीरांगना दुर्गावती जी के त्याग एवं आदर्शों से प्रेरणा लेकर समाज के विकास में योगदान देने की अपील की। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे संभागीय अध्यक्ष श्री नरेंद्र नेताम ने वीरांगना दुर्गावती ने समाज का गौरव बताते हुए समाज के लोगों को उससे प्रेरणा लेकर समाज हित में कार्य करने को कहा। पूर्व संभागीय अध्यक्ष श्री जगत सलामे ने उपस्थित स्वजाति जनों से समाज में फैले कुरीतियों को दूर करने तथा समाज के विकास में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की। गोण्डवाना समाज के अधिकारी-प्रकोष्ठ के संभागीय अध्यक्ष चंद्र्रेश ठाकुर ने वीरांगना दुर्गावती के अद्म्य वीरता तथा साहस के साथ-साथ राष्ट्र एवं समाज के प्रति अगाध प्रेम की भूरी-भूरी सराहना की। उन्होंने कहा कि एक विधवा नारी होने के उपरांत भी उस समय के सबसे शक्तिशाली शासक सम्राट अकबर के खिलाफ लोहा लेकर अपने मातृ भूमि के रक्षा के लिए बलिदान हो जाना उनके अप्रीतिम साहस एवं वीरता तथा राष्ट्र पे्रम का अद्वितीय उदाहरण है। श्री ठाकुर ने समाज के लोगों को संगठित होकर अपने अधिकारों के लिए निरंतर संघर्ष करने की अपील भी की। उन्होंने समाज के विकास के लिए शिक्षा को ब्रह्मास्त्र तथा नशापान को सबसे बड़ा अभिशाप बताते हुए समाज के लोगों को आने वाली पीढ़ी को शिक्षित व संस्कारी बनाने के लिए प्रण लेने तथा नशापान को दूर करने के लिए पुख्ता उपाय सुनिश्चित करने की अपील भी की। कार्यक्रम को समाज के संभागीय कोषाध्यक्ष कुमार कोरेटी ने भी संबोधित करते हुए समाज के लोगों को निरंतर सजग रहकर अपने अधिकारों के लिए निरंतर संघर्ष करने को कहा। इस अवसर पर तहसील अध्यक्ष संत कुमार नेताम ने वीरांगना दुर्गावती को गोण्डवाना एवं आदिवासी समाज सहित समूचे भारतवर्ष की गौरव बताते हुए उनके आदर्शों से प्रेरणा लेने की अपील की। कार्यक्रम को राजेंद्र नेताम, धीरपाल कुंजाम एवं रमेश मण्डावी सहित अन्य अतिथियों ने भी संबोधित किया।

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