नवागढ़ / शौर्यपथ / राज्य शासन दके निर्देशानुसार छतीसगढिया ओलंपिक का आयोजन शुक्रवार को राजीव गांधी युवा मितान क्लब के तत्वावधान में नगर पंचायत नवागढ़ अन्तर्गत शासकिय बालक हाई स्कूल मैदान नवागढ़ में आयोजित की किया गया। जिसमें विभिन्न पारंपिक खेलो में लगभग 300 प्रतिभागियो ने हिस्सा लिया। इस आयोजन में लोक रूचि के 14 परंपरागत खेलों को शामिल किया गया है।
आयोजन का शुभारंभ नगर पंचायत अध्यक्ष तिलक घोष ने स्वयं गेड़ी चढ़कर एवं गिल्ली डंडा खेल कर किया। उन्होंने कहा कि इस आयोजन के माध्यम से छत्तीसगढ़ के पारंपरिक खेल गतिविधियों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इससे प्रतिभागियों को मंच प्रदान करने, उनमें खेलों के प्रति जागरूकता बढ़ाने व खेल भावना का विकास करने के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में छत्तीसगढ़िया ओलम्पिक का आयोजन किया जा रहा है।
राजीव युवा मितान क्लब की अध्यक्ष मालती यादव ने कहा कि ओलंपिक में मुख्यत: स्थानीय खेलों को प्राथमिकता दी गई है। ये खेल लोगों के लिए न केवल मनोरंजन का जरिया हैं, बल्कि ये शरीर को स्वस्थ रखने के साथ ही हमें ताजगी और स्फूर्ति भी देते हैं। पिट्टुल, गिल्ली -डंडा, खो-खो, कबडडी जैसे खेल यहां गांव-गांव खेले जाते हैं।
इस दौरान सीएमओ नवागढ़ टीआर चौहान,लक्षमण साहू, रूप प्रकाश यादव, हरभजन सिंह टुटेजा, रामेश्वर, खुलेश आडिल,भूपेंद्र सेन एवं क्लब के समस्त सदस्य, महेश साहू, दिलीप जायसवाल, वीरेंद्र हिरवानी सहित नगरपंचायत समस्त समस्त कर्मचारी उपस्थित रहे।
एकल खेलो के ये रहे विजेता
छत्तीसगढ़िया ओलम्पिक के तहत एकल खेल जैसे गिल्ली-डंडा में रामेश्वर, बालक वर्ग 100 मीटर दौड़ में सोमनाथ, बालिका वर्ग 100 मीटर दौड़ में मुस्कान, गेड़ी दौड़ में चंद्रिका, फुगड़ी में धनेश्वरी तथा रस्सी कूद में हसीना बघेल प्रथम स्थान पर रहे। सभी को शील्ड से सम्मानित किया गया।
सामूहिक खेलों में इन्होंने मारी बाजी
वहीं सामूहिक खेल जैसे कब्बडी बालिका वर्ग में शासकीय कन्या प्राथमिक शाला नवागढ़, कबड्डी बालक वर्ग 0-18 वर्ष तक में गुरुकुल विद्यालय सुकुल पारा नवागढ़, कबड्डी बालक वर्ग 18 - 40 वर्ष तक में ममता क्लब नवागढ़ एवं पिट्टूल बालिका वर्ग में शासकीय कन्या प्राथमिक शाला नवागढ़ की टीम विजयी रही।
नगर में कराई मुनादी, आमलोगों ने नहीं ली रुचि
छत्तीसगढ़िया ओलंपिक को लेकर पूरे नवागढ़ नगर में मुनादी कराई गई थी, पंजीयन के लिए नवागढ़ नगर पंचायत में संपर्क करने को कहा गया था लेकिन इस आयोजन में आम लोगों की रूचि नजर नहीं आई। ज्यादातर पंजीयन स्कूली छात्र छात्राओं का था। इक्का-दुक्का प्रतिभागियों को छोड़ दे तो संस्थाओं के अतिरिक्त आम लोगों ने हिस्सा नहीं लिया।