नवागढ़ / शौर्यपथ / मिश्रा पारा नवागढ़ वार्ड 7 में मिश्रा परिवार द्वारा कराई जा रही श्री रामकथा का मंगलवार को पंचम व अंतिम दिवस रहा। कथावाचक पंडित कालेश्वर प्रसाद तिवारी ने अत्यंत ही रोचक तरीके से इस संगीतबद्ध कथा को प्रस्तुत किया। पं. तिवारी ने श्रीराम कथा के माध्यम से भगवान श्रीराम के व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए बहुत ही रोचक ढंग से ज्ञान बांटने का काम किया।
कथाव्यास ने इस कथा को उसके मर्म के साथ प्रस्तुत किया। अंतिम दिवस में सुंदरकाण्ड का वर्णन करते हुए उन्होंने लंका दर्शन आदि घटनाओं का विस्तृत वर्णन किया। इसके साथ ही उन्होंने भगवान श्री राम द्वारा रावण वध एवं प्रभु श्रीराम के अयोध्या के राजसिंहासन पर आरूढ़ होने का सुंदर वर्णन किया। कथा के रहस्य को व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि सुंदरकांड मानस का सुंदर भाग है। आज समाज में सुंदरकांड के पाठ का प्रचलन है,किसी ग्रंथ के किसी विशेष भाग के पठन को परंपरा बनाने का अर्थ है कि हम उस भाग को बार-बार पढ़ें और अपने आचरण में उतार लें। मात्र पढऩे से कल्याण नहीं हो सकता। जैसे एक रोगी डॉक्टर से दवा लेकर आए, डॉक्टर दवा का पर्चा लिखकर दे दे, रोगी उस पर्चे को घर लेकर आए और उसे आदर से बार-बार पढ़े,तो उसका कल्याण नहीं हो सकता,स्वास्थ्य के लिए पर्चे पर लिखी दवा का सेवन करना आवश्यक है।
इसी तरह ग्रंथों का पूर्ण लाभ लेने के लिए उन्हें जीवन में उतारना आवश्यक है। कथा में वर्णित राम राज्य के संदर्भ को स्पष्ट करते हुए उन्होंने कहा कि रामराज्य एक आदर्श राज्य है। रामराज्य में कहीं चोरी, भ्रष्टाचार, झूठ एवं घृणा नहीं है, अपितु चारों तरफ प्रेम भाईचारा, सौहार्दय और सद्भावना दृष्टिगोचर होती है। आज भी इन्हीं सब गुणों की आवश्यकता है। यह रामराज्य जीवन में आ जाये,इसके लिए आवश्यक है। राम को जान लेना, पूर्ण गुरू की कृपा से ही जीव अपने अंत: करण में श्रीराम का दर्शन करता है। तभी श्री राम के गुण जीवन में आते हैं और सभी रामराज्य की स्थापना जीवन में हो सकती है।
कथा श्रवण करने नगर प्रधान विकास धर दीवान, सीईओ एनएल साहू, प्रवीर दत्त दुबे, राजेंद्र मिश्रा, किसुन प्रसाद मिश्रा, महेश मिश्रा, हरदेव मिश्रा, मनभर मिश्रा, रामावतार मिश्रा, दारा मिश्रा, संतोष मिश्रा, दिनेश मिश्रा, सन्तु मिश्रा, बीरबल मिश्रा, भरत मिश्रा, विनोद मिश्रा, कृष्ण कुमार मिश्रा, बबला मिश्रा, शिवकुमार दुबे, मुकेश, सोनू, मोना, शुभम, ओमप्रकाश, राहुल,गोलू, पिंटू, कुंदन,सोन्टू , मोंटू, उत्तम, ओम, वासु, हर्ष, तुलसीराम चौहान, कलीराम यादव, खेलन यादव, दुर्गेश यादव, राकेश पाल, गोलू साहू सहित श्रद्धालु उपस्थित रहे।