नवागढ़ / शौर्यपथ / नवागढ़ ब्लॉक में इस वर्ष किसानों से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के बाद भी शासन द्वारा समितियों से धान का परिवहन ना कराए जाने का दुष्परिणाम अब समितियों में नजर आने लगा है। नवागढ़ शाखा की 12 समितियों में 2 लाख 71 हजार क्विंटल से अधिक धान को बारदानों में रखा गया है, परंतु मौसम की मार ना सह पाने तथा चूहों के प्रभाव से बारदाने फटने लगे हैं, जिसकी वजह से धान नीचे गिरकर खराब हो रहा है। समय रहते यदि इस धान का परिवहन या सुरक्षित रखने का इंतजाम ना कराया गया तो यह सीधे-सीधे समितियों के लिए भारी पड़ेगा तथा धान का नुकसान भरने के फेर में इस वर्ष अधिकांश समितियां सडक़ पर आ जाएंगी।
विदित हो कि राज्य शासन द्वारा किसानों से समर्थन मूल्य पर खरीफ धान की खरीदी की जा रही है जो इस वर्ष 30 जनवरी को बंद हो चुकी है। 30 जनवरी को धान की खरीदी बंद होने के बाद भी आज तक उपार्जन केन्द्रों से धान का परिवहन नहीं किया गया है जिसकी वजह से जिले के उपार्जन केन्द्रों में बंपर मात्रा में धान जाम है। आने वाले समय में गर्मी से धान का वजन कम होने का अनुमान है।इससे सुखत के रूप में खामियाजा केंद्र प्रभारियों को ही भुगतना पड़ेगा। वजह यह है कि नुकसान की भरपाई करने की मजबूरी रहेगी। अभी चूहे भी खरीदी केंद्रों में खुले में पड़े धान को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
समितियों को होगा तगड़ा नुकसान
जानकारी के अनुसार परिवहन ना होने की वजह से समितियों के लिए इस वर्ष धान को सुरक्षित रखना बेहद चुनौती भरा हो गया है। परिवहन ना होने की वजह तथा वर्षा की वजह से खराब होने के साथ ही साथ मवेशियों, चूहों, सूखत की वजह से भी धान की मात्रा में भी कमी आएगी जिससे समितियों को हानि होना तय माना जा रहा है। समितियों में रखे धान की पूर्व की मात्रा में कमी आने पर शासन के नियमानुसार वसूली संबंधित समितियों से ही की जाती है जिसकी वजह से जल्द से जल्द यदि धान का परिवहन ना किया गया तो इस वर्ष कई समितियां नुकसान ना सह पाने की वजह से सडक़ पर आ जाएंगी।
बंपर हुई खरीदी लेकिन परिवहन सुस्त
नवागढ़ अंतर्गत झाल,रनबोड, मुरता,अँधियारखोर, नवागढ़, छिरहा, हाथाडाडू, बोरतरा सहित अधिकांश उपार्जन केन्द्रों में डेढ़ माह से अधिक समय से धान का परिवहन बंद है जिसकी वजह से सभी उपार्जन केन्द्रों में धान का बंपर स्टॉक जाम है। धान के स्टॉक की तुलना में पर्याप्त मात्रा में कैप कवर नहीं है, जिसकी वजह से किसानों से खरीदे गए धान खुले में ही रखे हुए हैं। शाखा में इस वर्ष 14,516 कृषकों से 6,07,541 क्विंटल धान की खरीदी की गई है। शासन की धान खरीदी योजना को पूर्ण हुए 1 माह से अधिक समय पूर्ण हो चुका है बावजूद इसके संबंधित विभागीय अधिकारी परिवहन को लेकर गंभीर नहीं हैं, जिसकी वजह से मात्र 50 प्रतिशत से कुछ अधिक धान का ही परिवहन हुआ है तथा अब तक महज 3,36,148 क्विंटल धान का ही परिवहन किया गया है तथा वर्तमान में 2,71,392 क्विंंटल धान परिवहन के अभाव में समितियों में जाम है।
"मारो उपार्जन केंद्र में खरीदी किये गए 77,384 क्विंटल धान में से अभी भी 43,360 क्विंटल धान मंडी में रखे हुए है, परिवहन की सुस्त गति के चलते इस बार भी समिति को भारी नुकसान होने की सम्भावनाए है, धान के जल्द उठाव का प्रबंध किया जाना चाहिए।"
केएस वर्मा
सेवा सहकारी समिति प्रबंधक मारो।
"धान खरीदी के पश्चात धान परिवहन नही होने से धान को सुरक्षित रखना असम्भव सा लग रहा है ,आने वाले दिनों में गर्मी से धान में काफी सूखत आएगी ।असमय बारिश से भी सभी उपार्जन के केंद्रों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है ।"
नरेंद्र सिंह ठाकुर
प्रभारी पर्यवेक्षक, नवागढ़ शाखा।