बिलासपुर / शौर्यपथ / बिलासपुर जिले के 17 राजस्व न्यायालयों में काम ढप्प और जनरल पेशी से डेट आगे बढा दी जाती है। किन्तु यह आधा सच है ऐसा देखा जा रहा है कि ऐसे प्रकरण जो व्हीआईपी दर्जा रखते हैं न केवल सूने जा रहे हैं बल्कि सामान्य गति के मुकाबले उन्हें तेजी से निपटाया जा रहा है. और इस तरीके से असल में जिसके पक्ष में व्हीआईपी का फोन नहीं आया है उसे निपटाने की तैयारी चल रही है .
कुछ प्रकरणों पर तहसीलदार घर बैठे आदेश कर देते हैं एक तरफ बिलासपुर एसडीएम कुछ मामलों पर रोज सुनवाई पर आतुर हैं तो दूसरी ओर अपीलीय न्यायालय में ताला लटक रहा है ऐसे में जिस पक्ष के विरुद्ध आदेश होगा वह अपील करने कहां जाएगा और यही व्हीआईपी संस्कृति है सब जानते हैं कि आमतौर पर शासन अपने आदेश निर्देश जानबूझकर शुक्रवार को देते हैं जिससे शनिवार इतवार को अपीलीय न्यायालय से राहत ना मिले और व्हीआईपी संस्कृति का काम पूरा हो जाए कुछ इसी तरह का काम बिलासपुर एसडीएम कार्यालय में चल रहा है यह रोचक होगा कि वीआईपी प्रकरणों की लिस्ट पर नजर रखी जाए तब पता चलेगा कि इस प्रकरण का किस जनप्रतिनिधि ने दबाव बनाया.....( अजित कुमार की कलम से )