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जिला बार चुनाव का रण सज गया: 14 पदों के लिए 49 प्रत्याशी मैदान में, 25 जुलाई को होगा मतदान

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2,446 अधिवक्ता चुनेंगे नई कार्यकारिणी, महिला आरक्षण ने बढ़ाई चुनावी दिलचस्पी; बड़े बार नेताओं के बीच अध्यक्ष पद पर कड़ा मुकाबला

बिलासपुर / शौर्यपथ / जिला बार एसोसिएशन चुनाव-2026 का चुनावी परिदृश्य पूरी तरह स्पष्ट हो गया है। नामांकन और नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब 14 पदों के लिए 49 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। 25 जुलाई को होने वाले मतदान में 2,446 अधिवक्ता अपने मताधिकार का प्रयोग कर नई कार्यकारिणी का चुनाव करेंगे। मतगणना 26 जुलाई को होगी।

इस बार मतदाताओं की संख्या पहले की तुलना में अधिक होने के कारण प्रत्याशियों के लिए सभी अधिवक्ताओं तक व्यक्तिगत रूप से पहुंचकर प्रचार करना चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है। जिला न्यायालय परिसर में चुनावी माहौल पूरी तरह गर्म है और प्रत्याशी लगातार जनसंपर्क में जुटे हुए हैं।

चुनावी कार्यक्रम

निर्वाचन कार्यक्रम के अनुसार 16 जुलाई को नामांकन पत्रों की जांच में सभी 50 नामांकन वैध पाए गए। 17 जुलाई को नाम वापसी के बाद एक प्रत्याशी के हटने से अब 49 उम्मीदवार मैदान में रह गए हैं। 21 जुलाई को डाक मतपत्र (पोस्टल बैलेट) के लिए आवेदन लिए जाएंगे, 23 जुलाई को पोस्टल बैलेट से मतदान होगा, जबकि 25 जुलाई को सुबह 10:30 बजे से शाम 5:00 बजे तक सामान्य मतदान कराया जाएगा।

किस पद पर कितने उम्मीदवार
अध्यक्ष – 4 प्रत्याशी
उपाध्यक्ष – 6 प्रत्याशी
उपाध्यक्ष (कनिष्ठ महिला आरक्षित) – 2 प्रत्याशी
सचिव – 8 प्रत्याशी
कोषाध्यक्ष – 4 प्रत्याशी
सहसचिव – 5 प्रत्याशी
ग्रंथालय सचिव – 3 प्रत्याशी
सांस्कृतिक सचिव – 3 प्रत्याशी
कार्यकारिणी सदस्य – 11 प्रत्याशी
महिला कार्यकारिणी सदस्य – 3 प्रत्याशी
महिला आरक्षण ने बढ़ाई चुनावी सरगर्मी

इस बार महिला आरक्षण चुनाव का प्रमुख आकर्षण बना हुआ है। महिला उपाध्यक्ष पद पर दीपाली मजूमदार और राधा रजक के बीच सीधा मुकाबला है। वहीं कोषाध्यक्ष पद महिला आरक्षित होने के कारण इस पद पर चार महिला प्रत्याशी चुनाव लड़ रही हैं। सचिव पद पर नूपुर पाल एकमात्र महिला उम्मीदवार हैं, जिससे यह मुकाबला भी विशेष चर्चा में है।

अध्यक्ष पद पर दिग्गज आमने-सामने

बार चुनाव का सबसे प्रतिष्ठित मुकाबला अध्यक्ष पद पर माना जा रहा है। इस पद पर चार उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनमें अनुराग बाजपेई और चंद्रशेखर बाजपेई पहले भी जिला बार एसोसिएशन का नेतृत्व कर चुके हैं। अनुभव और संगठनात्मक पकड़ के कारण यह मुकाबला बेहद रोचक माना जा रहा है।

गैर-राजनीतिक चुनाव, लेकिन राजनीतिक चर्चा भी तेज

औपचारिक रूप से जिला बार एसोसिएशन का चुनाव गैर-राजनीतिक माना जाता है, लेकिन अधिवक्ता परिषद के पिछले चुनावों के बाद विभिन्न विचारधाराओं और समूहों की सक्रियता इस चुनाव में भी चर्चा का विषय बनी हुई है। अधिवक्ताओं के बीच समर्थन जुटाने के लिए विभिन्न पैनल और समूह लगातार संपर्क अभियान चला रहे हैं।

अब सभी की निगाहें 25 जुलाई के मतदान और 26 जुलाई को आने वाले परिणामों पर टिकी हैं, जो जिला बार एसोसिएशन की नई नेतृत्व टीम का फैसला करेंगे।

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