रायपुर / शौर्यपथ / आज विश्व एड्स दिवस के अवसर पर छ.ग. राज्य एड्स नियंत्रण समिति, रायपुर के सहयोग से जन कल्याण सामाजिक संस्थान, राजनांदगांव द्वारा जिलें के विभिन्न स्थानों पर एच0आई0वी0/एड्स जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। संस्था द्वारा जिले के 14 ग्रामों, ग्राम-लालपुर, जालबांधा, पदमावतीपुर, चकनार, कुमर्दा, मनेरी, रेगांकठेरा, बेलगांव, एल.बी.नगर, मोहारा, धनगांव, भानपुरी, धामनसरा एवं तोरनकट्टा में संगोष्ठी, रैली के माध्यम से एच0आई0वी0/एड्स संक्रमण के कारण एवं बचाव के बारे मे विस्तार पूवर्क जानकारी दी गई। यह जागरूकता कार्यक्रम विभिन्न आंगनबाड़ी, स्कूलों, काॅलेजों व ग्राम पंचायतों में किया गया, जिसमें मुख्य रूप से स्कूली छात्र-छात्राएं, स्थानीय समुदाय, युवा वर्ग, महिलाएं, मितानिन, पंचायत प्रतिनिधि, स्कूल प्रध्यापक, आगनबाड़ी कार्यकर्ता शामिल हुए। कार्यक्रम में रंगोली बनाकर एच0आई0वी0/एड्स के प्रति जागरूकता लाने का प्रयास किया गया। रैली कार्यक्रमों में एच0आई0वी0/एड्स संक्रमण के कारण व बचाव के उपाय संबंधी बैनर व पोस्टर में नारों के माध्यम से जागरूकता का प्रयास किया गया एवं जन समुदाय को प्रचार-प्रसार संबंधी पांम्प्लेट वितरित किये गये। संगोष्ठी कार्यक्रमों के माध्यम से एच0आई0वी0/एड्स संक्रमण के 04 कारण व संक्रमण से बचाव के उपाय की जानकारी दी गई। एचआई0वी0/एड्स संक्रमण के 04 कारण इस प्रकार बताये गये कि 1. असुरक्षित यौन संबंध बनाने स,े 2. संक्रमित रक्त किसी अन्य व्यक्ति को चढ़ाने से, 3. संक्रमित सुई या सीरिंज के दोबारा प्रयोग करने से, 4. संक्रमित गर्भवती माता से होने वाले शिशु को। साथ ही एच0आई0वी0/एड्स संक्रमण से बचाव के उपाय की जानकारी भी इस प्रकार दी गई कि सुरक्षित यौन संबंध बनाने से अर्थात् कण्डोम के प्रयोग से, जांचा-परखा रक्त चढाने से, नये सुई या सीरिंज के प्रयोग से, संक्रमित गर्भवती माता का संस्थागत प्रसव या चिकित्सकीय देखरेख में प्रसव कराने से सक्रंमण से बचाव किया जा सकता है। कार्यक्रम के दौरान ही जन समुदाय में रेड रिबन लगाकर एच0आई0वी0/एड्स के प्रति जागरूकता लाने का प्रयास किया गया। नाको का हेल्पलाईन नम्बर 1097 की भी जानकारी दी गई। कार्यक्रमों के सफल क्रियान्वयन में डी.आर.पी. जितेन्द्र कुमार जंघेल, सुपरवाइजर्स-रामखिलावन मारकण्डें, रेवाराम साहू एवं क्लस्टर लिंक वर्कर, ललिता भीमकर, अनिता गिरिया, संगीता तिवारी, कांति कोसले, चमेली साहू, संतोषी खान, सरोजनी लहरे, किरण साहू, प्रीति साहू, सविता विश्वकर्मा, सीमा साहू, शशि धनकर, खिलेश्वरी साहू, चित्ररेखा साहू, लतीफ कुलदीप, धर्मेन्द्र यादव, सरस्वती साहू, जानकी साहू एवं धनवीर वर्मा आदि सभी का महत्वपूर्ण योगदान रहा।