नई दिल्ली / शौर्यपथ /पाकिस्तान में भारी बारिश के बाद आई बाढ़ के बाद देश का एक तिहाई हिस्सा जलमग्न हो गया है। बाढ़ कितनी खतरनाक है इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि अब तक 1100 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। पाकिस्तान में आई बाढ़ को लेकर बुधवार को विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है कि देश में 64 लाख से अधिक लोगों को मानवीय सहायता की सख्त जरूरत है।
पाकिस्तान की सरकार ने बाढ़ को आपातकाल घोषित कर दिया है, जिसमें 66 जिलों को आपदा प्रभावित घोषित किया गया है। बाढ़ में 1100 से अधिक की मौत हुई जिसमें 350 बच्चे भी शामिल हैं। 1600 से अधिक लोग घायल हुए हैं। बाढ़ की वजह से देश के 287000 से अधिक घर पूरी तरह से नष्ट हो गए हैं। इसके अलावा सात लाख से अधिक पशुओं की मौत हुई हैं और 20 लाख एकड़ फसल पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है।
154 में 116 जिले प्रभावित
डब्ल्यूएचओ ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा है कि पाकिस्तान में जुलाई 2033 के मध्य शुरू हुई भारी मानसूनी बारिश देश के कई हिस्सों में जारी है। जिसकी वजह से 154 जिलों में से 116 जिले प्रभावित हुए हैं। सबसे अधिक प्रभावित प्रांत सिंध है उसके बाद बलूचिस्तान है। बाढ़ की वजह से रोग-बीमारी के साथ-साथ महामारी फैलने की भी आशंका हो गए हैं।
15 हजार लोग घायल
डब्ल्यूएचओ ने आगे कहा है कि, 25 अगस्त 2022 तक 33 मिलियन (तीन करोड़ से अधिक) से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। 64 लाख से अधिक लोगों को मानवीय सहायता की सख्त जरूरत है जिसमें 421000 शरणार्थी शामिल हैं। आपदा में लगभग 15 हजार लोग घायल हुए हैं। बाढ़ में फंसे लोगों को सेना की मदद से से सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जा रहा है। पाकिस्तानी सेना ने भी लोगों से मदद की अपील की है।
अमेरिका ने किया मानवीय सहायता देने का ऐलान
अमेरिका ने बाढ़ ग्रस्त पाकिस्तान को तीन करोड़ डॉलर की मानवीय सहायता देने की मंगलवार को घोषणा की। अमेरिका के विदेश एंथनी ब्लिंकन ने कहा कि हम इस मुश्किल घड़ी में पाकिस्तान के साथ खड़े हैं। उन्होंने कहा, 'पाकिस्तान के भयानक बाढ़ की चपेट में आने के कारण अमेरिका 'यूएसएआईडी' के जरिए भोजन, सुरक्षित पेयजल और आश्रय जैसी महत्वपूर्ण मानवीय सहायता के लिए तीन करोड़ डॉलर प्रदान कर रहा है।'