नई दिल्ली/शौर्यपथ /इस लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने अपने कई पुराने सांसदों को टिकट नहीं दिया. उत्तर प्रदेश के पीलीभीत से सांसद वरुण गांधी भी उनमें एक हैं. टिकट न मिलने के के बावजूद भी मां मेनका गांधी को बेटे वरुण पर पूरा विश्वास है, ऐसा बीजेपी सांसद मेनका गांधी ने कहा है. बातचीत में मेनका गांधी मे कहा कि पीलीभीत से किसी और उम्मीदवार को चुनावी मैदान में उतारने के पार्टी के फैसले का वह सम्मान करती हैं. उन्होंने कहा, "मैं पार्टी के फैसले को चुनौती नहीं दे सकती और मैं इसका सम्मान करती हैं. मुझे वरुण गांधी पर बहुत भरोसा है. वह एक सक्षम हैं और अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेंगे."
मेनका गांधी ने कहा कि कुछ लोग संसद पहुंच जाते हैं, जब कि कुछ लोग सांसद बने बिना ही राजनेता बन जाते हैं. मेनका ने वरुण की तुलना चंद्र शेखर से की, जो देश के पहले ऐसे प्रधानमंत्री थे, जिन्होंने पहले कभी कोई सरकारी पद नहीं संभाला था. मेनका गांधी ने कहा "आप कभी नहीं जानते कि लाइफ आपके लिए क्या लाई है."
सुल्तानपुर से चुनाव लड़ने पर मेनका गांधी
बता दें कि वरुण गांधी पीलीभीत से दो बार के सांसद हैं. यह सीट साल 1989 में मेनका गांधी के जीतने के बाद से उनकी पारिवारिक सीट रही है. सुल्तानपुर से दोबारा लोकसभा चुनाव लड़ने पर मेनका गांधी ने कहा कि उन्हें खुशी है कि उन्हें फिर से निर्वाचन क्षेत्र के लोगों की सेवा करने का मौका दिया गया है. उनको कितने वोट मिलेंगे, इस सवाल के जवाब में आठ बार की सांसद मेनका गांधी ने कहा कि ज्यादा से ज्यादा वोट पने की कोशिश में वह हर दिन अपना सर्वश्रेष्ठ देती हैं.
राहुल गांधी के रायबरेली से चुनाव लड़ने पर मेनका गांधी ने कहा कि दूसरे नेताओं पर वह टिप्पणी नहीं करती हैं. अगर वे लड़ रहे हैं, तो उन्हें खुश होना चाहिए."
बता दें कि राहुल गांधी के रायबरेली सीट से चुनाव लड़ने को लेकर इन दिनों ज्यादातर नेता उन पर हमलावर हैं. लेकिन मेनका ने उन पर कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया.
विरासत कर पर मेनका की राय?
मेनका गांधी ने सैम पित्रोदा की अमेरिका में विरासत कर वाली टिप्पणी पर कहा कि ये बहस का मुद्दा तो हो सकता है लेकिन से विरासत कर लगाना "अनुचित" होगा. उन्होंने कहा, "मैं विरासत कर के खिलाफ हूं. मुझे लगता है कि विरासत कर लगाना अनुचित है. एक इंसान अपने बच्चों के लिए पूरी जिंदगी कमाने की कोशिश करता है और फिर आपको दे दे. उन्होंने कहा कि यह कानून अन्य देशों के लिए अच्छा होगा, लेकिन मुझे नहीं लगता कि यह भारत के लिए सही है."