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महबूबा मुफ्ती ने NIA की छापेमारी का किया विरोध, कहा- BJP की पालतू बन गई जांच एजेंसी

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श्रीनगर/ एजेंसी / राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने आज (बुधवार) जम्मू-कश्मीर में करीब 10 ठिकानों पर छापेमारी की. यह रेड टेरर फंडिंग के शक को लेकर की गई. NIA ने जिन जगहों पर छापा मारा, उनमें NGO, सामाजिक कार्यकर्ता का परिसर और श्रीनगर के स्थानीय समाचार पत्र का दफ्तर शामिल है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, NIA का कहना है कि इन लोगों के पास अनजान लोगों से पैसा आ रहा था, जिसे आतंकी गतिविधियों में इस्तेमाल किया गया था. जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने NIA द्वारा की गई छापेमारी के विरोध में भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर निशाना साधा है.
महबूबा मुफ्ती ने आज सुबह ट्वीट किया, 'NIA ने श्रीनगर में मानवाधिकार कार्यकर्ता खुर्रम परवेज और ग्रेटर कश्मीर के कार्यालय पर छापामारी की. ये अभिव्यक्ति की आजादी और असंतोष पर भारत सरकार की दोषपूर्ण कार्रवाई का एक और उदाहरण है. अफसोस की बात है कि NIA उन लोगों को डराने और धमकाने के लिए BJP की पालतू एजेंसी बन गई है, जो लाइन में लगने से इनकार करते हैं.'
बता दें कि महबूबा मुफ्ती द्वारा हाल ही में दिए गए एक बयान पर बवाल हो रहा है. मुफ्ती ने बीते शुक्रवार कहा था कि उन्हें तब तक चुनाव लड़ने या राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा उठाने में कोई दिलचस्पी नहीं है, जब तक पिछले साल पांच अगस्त को लागू किए गए संवैधानिक बदलाव वापस नहीं लिए जाते. उन्होंने कहा था कि वह तिरंगे को तभी उठाएंगी, जब पूर्ववर्ती राज्य के अलग ध्वज को बहाल कर दिया जाएगा.
जिसके बाद महबूबा मुफ्ती के खिलाफ जम्मू-कश्मीर में प्रदर्शन होने लगे. रविवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने PDP कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन किया. पुलिस ने कई कार्यकर्ताओं को कुछ देर के लिए हिरासत में ले लिया. प्रदर्शनकारी PDP की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती के जम्मू-कश्मीर को लेकर दिए गए हालिया बयानों का विरोध कर रहे थे. प्रदर्शनकारियों ने कथित तौर एक बोर्ड पर पेंट भी फेंका, जिस पर मुफ्ती की तस्वीर बनी हुई थी.
महबूबा मुफ्ती के बयान पर नाराजगी जताते हुए गुजरात के उप-मुख्यमंत्री नितिन पटेल ने कहा कि जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री को यदि भारत और उसके कानून पसंद नहीं हैं तो उन्हें सपरिवार पाकिस्तान चले जाना चाहिए. उन्होंने कहा, 'महबूबा मुफ्ती पिछले दो दिन से अनर्गल बयान दे रही हैं. उन्हें हवाई टिकट खरीदने चाहिए और अपने परिवार के साथ कराची चले जाना चाहिए. सभी के लिए यह ठीक होगा. अगर वह चाहें तो करजन तालुका की जनता उन्हें हवाई टिकट खरीदने के लिए पैसे भेज देगी.'

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