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"अरुण जेटली जिंदा होते तो..." : किसान आंदोलन पर क्या सुशील मोदी ने अपनी ही पार्टी को घेरा?

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पटना / शौर्यपथ / बीजेपी नेता और राज्यसभा सदस्य सुशील मोदी ने पार्टी के दिवगंत नेता और पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली की जयंती को सोमवार को श्रद्धांजलि दी. सुशील मोदी की श्रद्धांजलि के बाद बीजेपी के उनके सहयोगियों की आलोचना तेज हो सकती है. विपक्षी पार्टियां पहले से ही कृषि कानून को "काला कानून" बताकर सरकार पर निशाना साध रही हैं. बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम सुशील मोदी ने कहा, "अगर अरुण जेटली जिंदा होते तो किसानों का आंदोलन इतने लंबे समय तक नहीं चलता. वह कोई न कोई समाधान निकाल लेते."
केंद्र के कृषि कानूनों के खिलाफ 26 नवंबर से दिल्ली बॉर्डर पर किसानों का प्रदर्शन चल रहा है. कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर से किसानों की कई दौर की बैठक हो चुकी है, लेकिन अब तक कोई नतीजा नहीं निकल सका. सरकार किसानों को मनाने और कानूनों को लेकर गतिरोध समाप्त करने में नाकाम रही है. किसान अब भी कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग पर अड़े हुए हैं.
सुशील मोदी ने सोमवार सुबह कहा, "मैं आश्वस्त हूं कि अरुण जेटली आज जीवित होते तो, किसान जिस तरह की समस्याओं का सामना कर रहे हैं, जिसको लेकर आंदोलन चल रहा है, वह निश्चित रूप से इसके लिए समाधान तलाश लेते."
बिहार में बीजेपी के कद्दावर नेता सुशील मोदी को केंद्र में बुलाने की तैयारी चल रही है. बीजेपी सूत्रों का कहना है कि सुशील मोदी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार में मंत्री बनाया जा सकता है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भाजपा नेता अरुण जेटली को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि दी. पीएम मोदी ने ट्वीट किया, ‘‘मैं अपने मित्र अरुण जेटली जी को उनकी जयंती पर याद कर रहा हूं. उनके ओजस्वी व्यक्तित्व, बुद्धिमता, कानूनी समझ और हाजिरजवाबी को वे सभी लोग याद करते हैं, जिन्होंने उनसे निकटता से बातचीत की है. उन्होंने भारत की प्रगति के लिए अथक मेहनत की.''

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