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नुकीली कीलें और कंटीले तार..किसानों को 'रोकने' के लिए पुलिस कर रही सारे जतन, 'अन्‍नदाता' बोले-हम डरने वाले नहीं..10 बातें

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नई दिल्ली / शौर्यपथ / तीन नए कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली के अलग-अलग बॉर्डर पर किसान पिछले करीब दो माह से आंदोलन पर डटे हैं लेकिन सरकार के उनके बीच गतिरोध टूटने का नाम नहीं ले रहा. जहां किसान इन कानूनों को रद्द करने की मांग कर रहे हैं, वहीं सरकार का जोर इन कानूनों में सुधारों पर है. किसानों का दोटूक अंदाज में कहना है कि जब तक कानून वापस नहीं लिए जाते तब तक वे दिल्‍ली से वापस नहीं लौटेंगे. टिकरी बॉर्डर पर तमाम परेशानियों के बीच और दिल्ली में दाखिल होने से रोकने को लेकर पुलिस के किए गए इंतज़ाम किसानों के हौसले को पस्त नहीं कर पा रहे हैं.
आंदोलन के मंगलवार के घटनाक्रम को लेकर 10 बातें..
बात करते हुए किसान संयुक्‍त मोर्चा के प्रवक्‍ता ने कहा, किसानों को दिल्‍ली में रोकने के लिए पुलिस जो पैंतरे आजमा रही, किसान संयुक्त मोर्चा इसकी निन्दा करता है.हमारे हौसले में कोई कमी नहीं आई है
किसान संयुक्‍त मोर्चा ने कहा कि काले कानून को जब तक वापस नहीं करवाएंगे, हम वापस नहीं जाएंगे. जिसे जो करना है कर लें, हम डरने वाले नहीं हैं. यहां गंदगी है, साफ सफाई नहीं है और इंटरनेट बंद कर दिया है लेकिन हम झुकेंगे नहीं.
किसान आंदोलन के चलते किसानों के दिल्ली में दाखिल होने की आशंका के मद्देनजर टिकरी बॉर्डर पर सुरक्षा इंतजामों को मजबूत किया गया है. पहले सीमेंट से रास्ते की घेराबंदी की गई फिर, अब सड़कों पर नुकीली कीलें तक लगाई गई हैं ताकि ट्रैक्टर दिल्ली में दाखिल न हो पाएं.
गाजीपुर बार्डर पर किसान नेता ने कटीले तार और बेरीकेट के बीच सड़क पर खाना खाया और कहा कि किलेबंदी के बाद रोटीबंदी की कोशिश होगी लेकिन हम अक्‍टूबर तक यहीं रुकेंगे.
किसान संगठन आंदोलन को तेज करने के प्रयास में जुट गए हैं. किसान मोर्चा ने 6 फरवरी को दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक देशभर में चक्का जाम करने का ऐलान किया.
दिल्ली-उत्तरप्रदेश की सीमा पर गाजीपुर में वाहनों की आवाजाही रोकने के लिए कई स्तरीय बैरीकेड लगाए गए हैं. लोगों को पैदल चलने से रोकने के लिए कंटीले तार भी लगाए गए हैं. महज पांच दिन पहले इसी जगह पर तब हाई वॉल्टेज ड्रामा देखने को मिला था जब किसानों को पुलिस की तरफ से जगह छोड़ने का आदेश मिला था.
दिल्‍ली पुलिस के सूत्रों के अनुसार, उपद्रवियों का सामना करने के लिए पुलिस ने स्टील लाठियां तैयार की हैं. हालांकि, दिल्ली पुलिस ने मंगलवार को कहा कि जो स्टील लाठी की तस्वीर सामने आयी है वो शाहदरा जिले की है. वो लोकल ऑफिसर ने अपने स्तर पर ये लाठियां मंगाई थीं. इसके लिए सीनियर अफसरों से कोई अप्रूवल नहीं लिया गया था. सीनियर अफसरों को जैसे ही पता चला तुरंत लाठियां वापस भेज दी गईं. दिल्ली पुलिस की स्टील लाठी के प्रयोग की कोई योजना नहीं है.
आंदोलन कर रहे किसानों को समर्थन देने शिवसेना के सांसद संजय राउत भी पहुंचे.इससे पहले कांग्रेस के भी कई नेता समर्थन दे चुके हैं.फिलहाल किसानों की सरकार के साथ बातचीत न होकर विपक्षी नेताओं के साथ मुलाकात ज्यादा हो रही है.
कांग्रेस सड़क से लेकर संसद तक और सोशल मीडिया पर सरकार को घेरने की कोशिश में है. कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को कहा कि सरकार को ब्रिज बनाने चाहिए, दीवार नहीं.
राज्यसभा में कांग्रेस के नेतृत्व में विभिन्न विपक्षी दलों के सदस्यों ने मंगलवार को दिल्ली की सीमाओं पर चल रहे किसान आंदोलन के मुद्दे पर सदन में तुरंत चर्चा कराने की मांग करते हुए हंगामा किया. सभापति एम वेंकैया नायडू ने उनकी मांग का अस्वीकार करते हुए कहा कि सदस्य एक दिन बाद, बुधवार को राष्ट्रपति अभिभाषण पर होने वाली चर्चा में अपनी बात रख सकते हैं.

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