नई शुरुआत /शौर्यपथ /
हम सभी नए साल को लेकर कई तैयारियां करते हैं, कई वादे करते हैं ख़ुद से। इन्हें प्रण कह लीजिए। लेकिन वादा या प्रण शब्द ही ऐसे हैं कि एक दबाव-सा बना देते हैं कि पूरा करना है। देखा जाए, तो ज़्यादातर प्रण जीवनशैली को स्वस्थ बनाने या नियमितता लाने वाली आदतें ही होती हैं, जिन्हें केवल अपने और अपनों के भले के लिए सोचकर शुरू कर लिया जाए, तो इनका पालन करने में कोई दबाव महसूस नहीं होगा। क्यों ना इस बार कोई बड़ा वादा या रेज़ोल्यूशन ना लेकर हम सिर्फ़ अपनी आदत बदलने का प्रयास करें। ये आदतें ख़ुद पर सख़्ती बरतकर कड़ी परीक्षाएं देने की नहीं हैं, बल्कि ये आदतें हैं सही खानपान की मदद से सेहत पाने की। हमें हर रोज़ क्या आवश्यक रूप से खाना ही चाहिए और किस समय क्या खाना चाहिए, ताकि हम स्वस्थ रह सकें, यहां जानिए-
सही मात्रा में पानी पीना
दिनभर में 2 से 2.5 लीटर
समय— किसी भी समय। रात में सोने से 2 घंटे पहले तक भी पानी पी सकते हैं।
फ़ायदे— पानी का सेवन मस्तिष्क कार्य में सुधार करता है, कब्ज़ से बचाता है। पर्याप्त पानी के सेवन से शरीर को सुचारु रूप से कार्य करने में मदद मिलती है। यह शरीर के विषैले पदार्थों (टॉक्सिंस) को भी बाहर निकालता है।
ध्यान रखें — किडनी के मरीज़ को 8 गिलास या 2 लीटर पानी पर्याप्त है।
किस तरह पी सकते हैं- पानी में नींबू डालकर पिएं, खीरा, अदरक डालकर भी पानी को फ्लेवर में बना सकते हैं।
फलों का सेवन
हर दिन कम से कम दो बार फलों का सेवन किया जा सकता है। एक सामान्य व्यक्ति को दिन में 200 से 250 ग्राम मौसमी फलों का सेवन करना चाहिए।
समय— किसी भी समय खा सकते हैं। लेकिन संतरा, अनार आदि ठंडे फलों का सेवन दिन में ही करें।
फ़ायदे— फलों के सेवन से हीट स्ट्रोक, हाई बीपी (उच्च रक्तचाप) और हृदय रोगों से लड़ने की ताकत मिलती है। इसके साथ ही खनिज और विटामिन्स
की पूर्ति होती है।
सलाद का सेवन
भोजन के साथ सलाद ज़रूर लें।
समय— सलाद का सेवन दिन में करें, शाम या रात में ना करें।
फ़ायदे— सलाद खाने से पर्याप्त मात्रा में विटामिन्स, मिनरल्स, फाइबर मिलते हैं, जो पाचन संबंधी समस्याओं को दूर करते हैं।
क्या शामिल करें— लेट्यूस, गाजर, चुकंदर, अंकुरित दालें, ककड़ी, मक्का, शिमला मिर्च।
सावधानी— जिन लोगों को सूजन (ब्लोटिंग) रहती है वे सलाद में गोभी, चना, राजमा, शिमला मिर्च ना लें। इनके बजाय चुकंदर, टमाटर, उबले हुए मूंग, गाजर का सेवन करें।मधुमेह के मरीज़ों को क्रीम व मेयोनीज़ मिला सलाद नहीं खाना चाहिए। मक्का, पास्ता मिला सलाद, छौंक लगा सलाद व शहद मिले हुए सलाद का सेवन नहीं करना चाहिए।
साबुत अनाज
एक सामान्य व्यक्ति साबुत अनाज का सेवन दिन में 2 बार कर सकता है।
समय— इन्हें दिन के भोजन में शामिल करें। रात में सोने के 2-3 घंटे पहले भी खा सकते हैं।
फ़ायदे— इनमें प्रोटीन और फाइबर होता है। प्रोटीन से मांसपेशियों और ऊतकों की मरम्मत होती है। फाइबर से पाचन में व वज़न नियंत्रण रखने में भी मदद मिलती है।
कैसे करें सेवन— सलाद के साथ या सब्ज़ी के रूप में सेवन करें। साबुत अनाज पकाने से पहले भिगोने की प्रकिया अपनाएं (जिन्हें भिगोया जाता है) जैसे छोले, चने, लोबिया आदि।
दूध का सेवन
एक व्यस्क व्यक्ति को दिन में 400 मिली दूध पीना चाहिए। लैक्टोज़ इनटॉलेरेंस (पाचन संबंधी विकार) वाले सेवन ना करें।
समय— उपयुक्त समय सुबह और रात को सोने से आधा घंटा पहले का है।
फ़ायदे— कैल्शियम की पूर्ति करने में, ऊर्जा बढ़ाने में, कब्ज़ की समस्या दूर करने में, थकावट दूर करने में मददगार है।
कैसे पीएं— दूध गर्म या गुनगुना पी सकते हैं। गर्मियों में ठंडा पी सकते हैं।
सूखे मेवों का सेवन
रोज़ मेवों का सेवन फ़ायदेमंद होता है।
कितनी मात्रा में खाएं— बादाम- 6-8, अखरोट- 2, किशमिश- 5, खजूर- 4, अंजीर- 2, काजू- 4, पिस्ता- 4, खुबानी- 1, अंजीर- 2 (खजूर और अंजीर आयरन के अच्छे स्रोत हैं और अखरोट में ओमेगा 3 अच्छी मात्रा में होता है।)
समय— सुबह 7 बजे से शाम 5 बजे तक इन्हें खाया जा सकता है। इन्हें भिगोकर रखें फिर खाएं ताकि पाचन संबंधी समस्या ना हो।
फ़ायदे— डाइटरी फाइबर, विटामिन ए, विटामिन ई, आवश्यक फैटी एसिड, खनिज, प्रोटीन्स होते हैं।