खाना खजाना /शौर्यपथ/
फर्मेंटेड फूड वो होता है जिसे खमीरी प्रक्रिया के जरिए तैयार किया जाता है. इस प्रोसेस में बैक्टीरिया, ईस्ट जैसे सूक्ष्मजीव स्टार्च और शुगर जैसे कार्ब्स को अल्कोहल या एसिड में बदल देते हैं. ये अल्कोहल या एसिड प्रिजर्वेटिव की तरह काम करते हैं. इससे खाने का स्वाद भी थोड़ा खट्टा हो जाता है. फर्मेंटेशन की इस प्रोसेस में फायदेमंद बैक्टीरिया पनपते हैं. इन बैक्टीरिया को प्रोबायोटिक कहा जाता है. आम बोलचाल की भाषा में इसे खमीर उठाना कहते हैं. इस प्रोसेस से दही, इडली, डोसा, ढोकला जैसी चीजें बनाई जाती है.
फर्मेंटेड फूड को बनाने के लिए फूड प्रोडक्ट को कुछ घंटों के लिए रूम टेम्परेचर पर छोड़ दिया जाता है. जैसे अगर आपको इडली-डोसा बनाना है तो दाल-चावल लिक्विड मिश्रण को कुछ घंटों के लिए रूम टेम्प्रेचर पर छोड़ दिया जाता है. इसी तरह ढोकले को बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाली दाल के मिश्रण को भी कुछ घंटों के लिए रूम टेम्परेचर पर छोड़ दिया जाता है. इससे उसमें खमीर उठ जाता है और उसका स्वाद भी बदल जाता है. खमीर उठने से वो मिश्रण फूल जाता है. खमीर को जल्दी उठाने यानी इस प्रोसेस को तेज करने के लिए बेकिंग सोडा, यीस्ट और फ्रूट सॉल्ट का इस्तेमाल भी किया जाता है.
फर्मेंटेशन प्रोसेस में फायदेमंद बैक्टीरिया पनपते हैं. ये बैक्टीरिया इम्यूनिटी को बेहतर बनाने और डाइजेशन आदि में मदद करते हैं. फर्मेंटेड फूड में विटामिन B12, मैग्नीशियम, आयरन, कैल्शियम और जिंक जैसे पोषक तत्वों की मात्रा ज्यादा होती है.
फर्मेंटेड फूड से मेंटल हेल्थ भी जुड़ी है. दरअसल, आंत में न्यूरॉन्स होते हैं जो हमारे इमोशन और फीलिंग्स को प्रभावित करने की क्षमता रखते हैं. इसे हार्ट हेल्थ के भी अच्छा माना जाता है. इससे ब्लड प्रेशर में कमी और कोलेस्ट्रॉल बैलेंस में सुधार होता है.