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नवरात्रि की पूजा में माता रानी को चढ़ाएं ये फूल, मन की मुरादें होंगी पूरी, जानें हर दिन का नियम

  • rounak group

व्रत त्यौहार /शौर्यपथ /आज नवरात्रि का पांचवा दिन है. देशभर में मां स्कंदमाता की पूजा-अर्चना हो रही है. इस दिन माता को पीले रंग का फूल चढ़ाने से हर मनोकामनाएं पूरी होती हैं. मान्यता है कि माता के हर स्वरूप को अलग-अलग रंग के फूल प्रिय हैं. अगर हर दिन उस कलर के फूलों से माता रानी की आराधना की जाए तो मां प्रसन्न होती हैं और मन की मुरादें पूरी करती हैं. यहां जानिए नवरात्रि  में किस दिन कौन सा फूल जगत जननी मां दुर्गा को चढ़ाना चाहिए...
पहला दिन- चैत्र नवरात्रि के पहले दिन माता शैलपुत्री की पूजा की जाती है. माता को लाल जसुद और सफेद करेण के फूल अत्यंत प्रिय हैं. इस फूल को चढ़ाने से हर मनोकामनाएं पूरी होती है.
दूसरा दिन- माता ब्रह्मचारिणी की पूजा में मोगरे का फूल या सफेद रंग का फूल चढ़ाना चाहिए.
तीसरा दिन- मां चंद्रघंटा की पूजा करते समय कमल या शंखपुष्प चढ़ाएं. मान्यता है कि इससे देवी मां प्रसन्न होती हैं.
चौथा दिन- मां कुष्मांडा को चमेली या पीले रंग का फूल अत्यंत प्रिय है. इससे उनकी पूजा करने पर मां का आशीर्वाद मिलेगा.
पांचवां दिन- देवी स्कंदमाता की पूजा में पीले फूल चढ़ाएं. इस फूल को अर्पित करने से मां प्रसन्न होती हैं और हर तरह का सुख देती हैं.
छठां दिन- माता कात्यायनी की आराधना गेंदा यानी गलगोटा के फूल से करना चाहिए. मान्यता है कि इस फूल को चढ़ाने से मां प्रसन्न होती हैं और आशीर्वाद देती हैं.
सातवां दिन- मां कालरात्रि की पूजा में नीले रंग का फूल चढ़ाना चाहिए. मान्यता है कि यह फूल माता को बेहद प्रिय है.
आठवां दिन- मां महागौरी को मोगरे का फूल अत्यंत प्रिय है. माना जाता है कि इस फूल को चढ़ाने से परिवार पर माता रानी की कृपा सदैव बनी रहती है.
नौवां दिन- माता सिद्धिदात्री की पूजा पूजा होती है. उनकी पूजा में चंपा और जसुद का फूल चढ़ाने से धन-वैभव की प्राप्ति होती है.

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शौर्यपथ