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शिक्षा माफियाओ को फायदा पहुंचाने के उद्देश्य से जिला शिक्षा अधिकारी दुर्ग अपने कर्तव्य से भटक गए - एनएसयुआई दुर्ग Featured

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दुर्ग / शौर्यपथ / शिक्षा माफियाओ को फायदा पहुंचाने के उद्देश्य से जिला शिक्षा अधिकारी दुर्ग अपने कर्तव्य से भटक कर उदासीन रवैया अपना करके पालकों से विश्वासघात करके फीस जमा करने के लिए गुमराह कर दबाव बना कर रहे जिसके विरोध फलस्वरूप आज दुर्ग एनएसयूआई के तत्वधान में जिला कार्यकारिणी अध्यक्ष सोनू साहू के नेतृत्व में जिला कलेक्टर के माध्यम से माननीय मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल जी के नाम से निजी स्कूलों के मनमानी पर रोक लगाने तत्काल दंडात्मक कार्यवाही करने के लिए अपर कलेक्टर दिवया वैसनव को ज्ञापन सौंपा गया पालकों को हो रही परेशानी को देखते हुए सोनू साहू ने बताया कि अशासकीय विद्यालयों द्वारा माननीय उच्च न्यायालय के आदेश की अवमानन कर जिले के निजी विद्यालय में ट्यूशन फीस के साथ साथ पालकों से पूरे वर्ष के फीस रहे है अभिभावकों के पूछे जाने पर निजी स्कूल द्वारा ट्यूशन फीस म वृद्धि की बात कहा जाता है शिक्षा के अधिकार अधिनियम 2009 की धारा 16 के अंतर्गत कानून शासन द्वारा जारी निर्देश का उल्लंघन करते हुए निजी विद्यालय जैसे कृष्णा पब्लिक स्कूल, अमरेश मिश्रा पब्लिक स्कूल धनोरा शकुन्तला विद्यालय रामनगर भिलाई, एमजीएम स्कूल भिलाई के छात्र छात्राओं के साथ भेदभाव व मानसिक प्रतांडना कर निजी स्कूलों की ओर से लगातार पालकों से उस अंतराल की फीस की मांग किया जा रहा है शिक्षा माफियाओ को फायदा पहुंचाने के उद्देश्य से शिक्षा विभाग काम कर रहे है काम भेदभाव व मानसिक शैक्षणिक गतिविधियां पूरी तरह से बन्द थी और इस दौरान जबकि अध्ययन कार्य बाधित थी बिना किसी सेवा की स्कूलों की ओर से फीस व अन्य खर्चों की मांग करना अवैध है। यह पूरी तरह से अनुचित है। साथ ही कुछ स्कूलों ने सितंबर महीने से ऑफ़लाइन क्लास शुरू करने की सूचना पालकों को दी है और शर्त यह रखी जा रही है कि पिछले महीनों की फीस न जमा करने की स्थिति में छात्रों को ऑनलाइन क्लास में सम्मिलित नहीं किया जाएगा यह शिक्षा के अधिकार का हनन है .
छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय बिलासपुर ने केस क्रमांक डब्लयूपिसी 10 40/2020,दिनांक 9 जुलाई 2020 में स्पष्ट निर्णय दिया गया है इस वर्ष बीते वर्ष 2020, 21 वर्ष 2019, 20 का सिर्फ ट्यूशन फीस ही लिया जाएगा ट्यूशन फीस के अलावा और कोई फीस नहीं ले सकते जब तक कि स्थिति सामान्य नहीं होतीस्कूल प्रबंधक बच्चों को शिक्षा से किसी प्रकार के जान बूझकर उसकी अनदेखी करता है तो या किशोर न्याय बालकों की देखरेख और संरक्षण अधिनियम 2015 की धारा 75 और 86 के तहत गंभीर प्रवित्तिय का अपराध है। उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम में छात्रों के एडमिशन फॉर्म में फोर्स मेजर क्लास का उल्लेख नहीं है इसलिए बिना सेवा की फीस और अन्य खर्च की मांग करना गैरकानूनी है और तो और ऑनलाइन क्लास पर फॉर्म में कोई उल्लेख नहीं है। निजी स्कूलों को इस पर विचार करना चाहिए पूर्व वर्षों की तरह पूरे महीने की फीस वसूली कैसे कर सकती है।
अभी जो भी फीस की मांग की जा रही है, उसमें मार्च महीने से लेकर पूरे साल भर के फीस का जिक्र है जो पूरी तरह से अनुचित और व्यवहारिक है। विनम्र प्रार्थना है कि किसी भी छात्र के अध्ययन में कोई बाधा उत्पन्न ना हो और छात्र नियमित रूप से अपने अध्ययन का कार्य सकुशल करे। छात्र का नाम किसी भी स्थिति में विद्यालय से नहीं हटाया जावे हमारे इस मांग पर विचार करते हुए छात्र हित में निर्णय ले लिया जावे माँग पूरी नहीं होने पर भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन एनएसयुआई द्वारा उग्र आंदोलन जैसे निजी स्कूलों में तालाबंदी कर प्रदर्शन किया जाएगा। जिला कलेक्टर दुर्ग के माध्यम से माननीय मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी के नाम से निजी स्कूलों के मनमानी पर रोक लगाने लिए के ज्ञापन सौपा गया इस दौरान शिवांग साहू,अंकित,अमोल जैन,विकास राजपूत,गोल्डी कोसरे,हरीश देवांगन,यश,तेजस्वी सहित बहुत से छात्र नेता उपस्थित थे।

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शौर्यपथ