व्रत त्यौहार /शौर्यपथ /हर माह शुक्ल पक्ष और कृष्ण पक्ष को विनायक चतुर्थी मनाई जाती है. ऐसी मान्यता है कि विघ्नहर्ता भगवान गणेश की इस दिन पूजा अर्चना करने से सारे परेशानियां दूर होती हैं. ऐसे में जून के महीने में यह महत्वपूर्ण व्रत किस दिन रखा जाएगा 9 या 10 जून को, इसको लेकर लोगों में बहुत कंफ्यूजन हैं. तो आपको बता दें दृक पंचांग के अनुसार, 9 जून 2024 को दोपहर 3 बजकर 44 मिनट से विनायक चतुर्थी शुरू होगी जो अगले दिन यानी 10 जून 2024 को शाम 4 बजकर 14 मिनट पर समाप्त होगी. उदयातिथि पड़ने के कारण 10 जून 2024 को चतुर्थी का व्रत रखा जाएगा. वहीं पूजा विधि और शुभ मुहूर्त आपको आगे आर्टिकल में बताया जा रहा है.
विनायक चतुर्थी शुभ मुहूर्त -
पूजा का मुहूर्त - इस दिन यानी 10 जून 2024 को सुबह 10 बजकर 26 मिनट से लेकर 1 बजकर 6 मिनट तक है. वहीं, चंद्रोदय का समय 08 बजकर 40 मिनट है. ऐसे में रात 10 बजकर 54 मिनट तक चंद्रदेव को अर्घ्य देने का समय है.
गणेश पूजा विधि -
हर प्रकार की पूजा की तरह इस पूजन के लिए भी सुबह स्नान ध्यान कर मन और तन दोनों को शुद्ध करें. साफ वस्त्र पहन भगवान गणेश की प्रार्थना करें.भगवान गजानन को तिलक लगाने के बाद, वस्त्र, धूप, दीप, दूर्वा कुमकुम, लाल रंग के फूल, अक्षत, सुपारी और पान अर्पित कर मोदक का भोग.
गणेश मंत्र -
वक्रतुंड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ।
निर्विघ्नं कुरुमे देव सर्वकार्येषु सर्वदा।।
विघ्नेश्वराय वरदाय सुरप्रियाय लंबोदराय सकलाय जगद्धितायं।
नागाननाथ श्रुतियज्ञविभूषिताय गौरीसुताय गणनाथ नमो नमस्ते।।
अमेयाय च हेरंब परशुधारकाय ते।
मूषक वाहनायैव विश्वेशाय नमो नमः।।
एकदंताय शुद्धाय सुमुखाय नमो नमः।
प्रपन्न जनपालाय प्रणतार्ति विनाशिने।।
एकदंताय विद्महे, वक्रतुंडाय धीमहि, तन्नो दंती प्रचोदयात।।
ॐ नमो गणपतये कुबेर येकद्रिको फट् स्वाहा।
ॐ ग्लौम गौरी पुत्र, वक्रतुंड, गणपति गुरु गणेश।
ग्लौम गणपति, ऋद्धि पति, सिद्धि पति. करो दूर क्लेश ।।