शौर्यपथ /कोरोना महामारी के शुरुआती दौर में गर्भवती महिलाओं के बीच काफी डर था। महामारी के बढ़ते प्रकोप के चलते होने वाले बच्चों को क्या परेशानियां हो सकती है, इस बारे में कुछ भी कहना मुश्किल था लेकिन धीरे-धीरे कई प्रेगनेंसी और डिलीवरी जुड़ी गलतफहमियों को दूर हो गईं। यह बात सच है कि कोरोना महामारी के दौरान जन्म लेने वाले बच्चों की देखभाल में कुछ सावधानियों की जरुरत है लेकिन डर की बजाय कुछ बातों को ध्यान रखकर बच्चे को कोरोना से बचाना आसान है। अर्बन डिक्श नरी डॉट कॉम के अनुसार, साल 2020 में दस्त क देने वाली इस महामारी के दौरान बच्चों के जन्म की दर में इजाफा हुआ है और इस दौर में पैदा हुए जेनरेशन को कोरोनियल कहा गया है। कोरोनियल जेनरेशन के अधिकतर बच्चे दिसंबर 2020 के बाद और साल 2021 में वसंत ऋतु आने तक पैदा होंगे।
कई हेल्थ एक्सपर्ट का मानना है कि कोरोना काल में जन्म लेने वाले बच्चों के साथ कुछ फायदे भी जुड़े हुए हैं।
-इस समय कई लोग घर से ही काम कर रहे हैं कि इसलिए वर्किंग मदर्स डिलीवरी के बाद जल्दक ही काम जॉइन करने का ऑप्शन है और उन्हें ऑफिस से ज्यादा लंबी छुट्टी लेने की जरूरत नहीं है, जिससे बच्चे की देखभाल करने में आसानी होगी और बच्चा 24 घंटे मां के नजरों के सामन रहेगा।
-कोरोना काल में कई पुरुष भी घर पर काम कर रहे हैं, तो प्रेगनेंसी के दौरान और डिलीवरी के बाद भी पार्टनर का साथ मिलेगा, जो पहले ऑफिस जाने पर मिलना मुश्किल होता था। इससे बच्चे को माता और पिता दोनों का साथ मिल पाएगा, जिससे उसका ध्यान रखना आसान होगा।
-इस समय घर पर मेहमान भी कम आ रहे हैं, इसलिए आप घर पर शांति से आराम और देखभाल मिलेगी और अपने बच्चे को बार-बार किसी की गोद में देने की भी जरूरत नहीं है।