Print this page

घर पर आए गोमाता तो अवश्य कराएं भोजन, गोसेवा से दूर हो जाता है हर कष्ट

  • doing of business

वास्तु शाश्त्र /शौर्यपथ / हिन्दू धर्म में गाय को माता का दर्जा दिया जाता है। गाय की पूजा की जाती है और मान्यता है कि गाय में सभी देवी-देवताओं का वास होता है। वास्तु शास्त्र में बताया गया है कि गाय हर प्रकार के वास्तु दोष को दूर करने में सक्षम है।
         वास्तु के अनुसार घर में गाय का होना बहुत शुभ माना जाता है। माना जाता है कि गाय की पूजा करने और सेवा करने से सारे कष्ट दूर हो जाते हैं। हिंदू धर्म में गाय को मां के समान दर्जा दिया जाता है। गोमाता के गोबर से बने उपलों से रोजाना घर या प्रतिष्ठान में धूप करने से वातावरण शुद्ध होता है और सकारात्मक ऊर्जा में वृद्धि होती है। घर के दरवाजे पर अगर कभी गोमाता आए तो भोजन अवश्य कराएं। गाय की सेवा से संतान प्राप्ति में आ रही बाधा दूर हो जाती है। सुबह गोसेवा करने से अत्यंत लाभ होता है। भोजन से पूर्व गाय के लिए रोटी निकालकर खिलाना चाहिए। घर में बंधी गाय का रंभाना शुभ माना जाता है। गाय के घर में होने से गृह क्लेश दूर हो जाते हैं। गाय की पूजा से कुंडली में मौजूद दोष समाप्त हो जाते हैं। गाय को अमावस्या को रोटी, गुड़, चारा खिलाने से पितृदोष समाप्त हो जाते हैं। यदि बुरे स्वप्न दिखाई दें तो गोमाता का नाम लें। यदि यात्रा आरंभ कर रहे हैं और गाय सामने आ जाए अथवा अपने बछड़े को दूध पिलाती हुई सामने दिखाई दे तो आपकी यात्रा सफल होती है।

Rate this item
(0 votes)
शौर्यपथ