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अयोध्याा में खुदाई के दौरान मिल रहे बुद्ध के अवशेष को संरक्षित करने बुद्धमहासभा ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

  • rounak group

दुर्ग / शौर्यपथ / भारतीय बौद्ध महासभा शाखा दुर्ग छ ग ने अयोध्या स्थित राम जन्म भूमि में निर्माणाधीन मंदिर स्थल में समतलीकरण एवं  खुदाई  के दौरान तथागत बुद्ध के अवशेष लगातार मिल रहे हैं। वास्तव में ये नगरी कौशल जनपद बौद्ध कालिन साकेत है जहाँ दो हजार वर्ष पूर्व बौद्धों का शासन था चक्रवर्ती सम्राट अशोक के समय में बावरी  नामक प्रसिद्ध बौद्ध भिक्षु के नाम से विहार बनवाया गया था । ये विरासत न तो मुसलमानों के है और न ही हिन्दुओं के है ये विरासत बौद्धों की है इसके लिए बौद्धों के द्वारा अपना पक्ष रखा गया था,  परन्तु बौद्धों की बात नहीं सुनी गई जबकि अभी समतलीकरण एवं खुदाई में बौद्ध कालिन पुरातात्विक अवशेष एवं तथागत गौतम बुद्ध की प्रतिमाये चक्र, कमल पुष्प स्तंभ इत्यादि मिल रहें हैं जो इस बात के साक्षी है की ये जो स्थल है वो बौद्ध कालिन है इन स्थलों को सुरक्षित रखने के लिए भारतीय पुरातत्व विभाग एवं उत्तर प्रदेश सरकार को संरक्षित रखने के लिए भारतीय बौद्ध महासभा दुर्ग ने कलेक्टर को ज्ञापन सौपकर उक्त स्थल एवं मिले अवशेषों को भारतीय पुरातत्व विभाग के द्वारा संरक्षित किया जाए।  ज्ञापन सौंपने वालो में राष्ट्रीय सदस्य आयु एस आर कानडे राज्य उपाध्यक्ष संजय शेनदरे, जिला अध्यक्ष सी के डोंगरे, सी एल देवदास, आशीष सूर्यवंशी ,रामाराव ढोक, महासचिव जितेन्द्र मेश्राम एवं कोचे जी उपस्थित थे।

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शौर्यपथ