मनोरंजन / शौर्यपथ / राजेश खन्ना ने जिस स्टारडम को जिया था, वह फिल्मी दुनिया के बहुत कम लोगों को ही नसीब हो सकता है। इसके बाद भी वह अपने आखिरी दौर में अकेले से हो गए थे। यहां तक कि कैंसर के चलते अस्पताल में एडमिट रहने के दौरान जब उनकी फेवरेट हीरोइन मुमताज उनसे मिलने आईं तो वह भावुक हो गए थे। राजेश खन्ना के साथ उनके आखिरी दिनों तक रहे भूपेश रसीन ने टाइम्स ऑफ इंडिया से बात करते हुए बताया कि काका के निधन से कुछ महीने पहले मुमताज उनसे मुलाकात के लिए अस्पताल आई थीं। इस दौरान जब मुमताज ने बताया कि वह भी कैंसर से पीड़ित हैं तो राजेश खन्ना इमोशनल हो गए थे। हालांकि अब मुमताज इससे उबर गई हैं।
राजेश खन्ना ने इस मुलाकात के दौरान मुमताज से कहा था, 'तुम्हें शोले में बसंती के रोल में होना चाहिए था।' भूपेश रसीन बताते हैं कि अपने आखिरी दिनों में वह काफी अकेले रहने लगे थे। यहां तक कि ज्यादातर लोगों से उन्होंने बात करना भी बंद कर दिया था। लेकिन जब उन्होंने मुमताज को देखा तो बातें करने लगे। रसीन ने बताया कि राजेश खन्ना की आखिरी इच्छा थी कि वह अस्पताल के बिस्तर में नहीं बल्कि अपने घर पर अंतिम सांस लें। उनकी यह इच्छा पूरी भी हुई और 18 जुलाई, 2012 को उन्होंने अंतिम सांस ली। आज यदि वह हमारे बीच होते तो 78 साल के होते।
राजेश खन्ना और पत्नी डिंपल कपाड़िया के बीच मतभेदों को गलत करार देते हुए रसीन ने कहा कि जब काका बीमार हुए तो डिंपल तुरंत उनके पास आई थीं। राजेश खन्ना अपनी बेटियों ट्विंकल और रिंकी खन्ना से बहुत प्यार करते थे। इसके अलावा वह अपने दामाद अक्षय कुमार को भी बहुत पसंद करते थे।
राजेश खन्ना ने कहा था, यह मेरा आखिरी बर्थडे है: दरअसल 2011 में यह ट्विंकल खन्ना का ही आइडिया था कि राजेश खन्ना के बर्थडे को गोवा में सेलिब्रेट किया जाए। फैमिली के गोवा वैकेशन के दौरान भी रसीन साथ में थे। वह बताते हैं कि गोवा से लौटते वक्त राजेश खन्ना ने कहा था, 'यह मेरा आखिरी बर्थडे है। अब फाइनल हो गया, लेकिन जल्दी हो रहा है।'