अधिकारियों ने पीयूष जैन के ठिकानों से कुल 196 करोड़ रुपये नकदी के अलावा 23 किलो सोना सहित अन्य सामान की बरामदगी की है.
नई दिल्ली /शौर्यपथ/
उत्तर प्रदेश के इत्र कारोबारी पीयूष जैन के घर टैक्स छापेमारी पूरी हो गई है. वहीं इत्र कारोबारी पीयूष जैन से संबंध को लेकर बीजेपी और सपा के नेता एक-दूसरे पर निशाना साध रहे हैं . सपा नेता अखिलेश यादव ने कहा है कि गलत पहचान की वजह से बीजेपी ने अपने ही आदमी के यहां छापा मरवा दिया है. लेकिन जांच एजेंसी के सूत्रों ने कहा है कि व्यवसायी पीयूष जैन पर छापेमारी 'गलत पहचान' का मामला नहीं है. छापेमारी विशिष्ट इनपुट के आधार पर एक केंद्रित जांच का परिणाम था.
पीयूष जैन के कानपुर और कन्नौज परिसर से अधिकारियों ने कुल 196 करोड़ रुपये नकदी के अलावा 23 किलो सोना सहित अन्य सामान की बरामदगी की है. वहीं, इन सबके बीच यूपी में इत्र कारोबारी के घर छापेमारी बड़ा सियासी मुद्दा बनता जा रहा है. कानपुर में पीएम मोदी ने इत्र कारोबारी पीयूष जैन को समाजवादी पार्टी से जोड़ा. साथ ही सभी योजनाओं का क्रेडिट लेने को लेकर अखिलेश यादव पर तंज भी कसा. बीजेपी ने आरोप लगाया है कि पीयूष जैन ने हाल ही में "समाजवादी परफ्यूम" लॉन्च किया था. पीएम मोदी ने कहा कि पिछले दिनों बक्से भर-भर के जो नोट मिली है, उसके बाद भी वे यही कहेंगे, ये भी हमने किया.
वहीं समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इत्र व्यापारी पीयूष जैन के उनकी पार्टी से किसी तरह के संबंध से इनकार किया और कहा कि भाजपा ने 'गलती से' अपने ही व्यवसायी पर छापा मारा. उन्होंने दावा किया कि समाजवादी इत्र (इत्र) सपा एमएलसी पुष्पराज जैन द्वारा लांच गया था न कि पीयूष जैन ने लांच किया था. भाजपा पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘सत्तारूढ़ भाजपा ने डिजिटल भूल से अपने ही व्यवसायी (पीयूष जैन) के यहां छापा मारा.'' वहीं पुष्पराज जैन ने एनडीटीवी को बताया है कि उनका पीयूष जैन से कोई संबंध नहीं है और वह "राजनीति के निम्न स्तर से दुखी हैं. "
वहीं डायरेक्टर जेनरल ऑफ जीएसटी इंटीलेजेंस के सूत्रों ने 'गलत पहचान' थ्योरी को खारिज कर दिया है. उन्होंने कहा है कि उन्हें शिखर पान मसाला समूह द्वारा कथित कर चोरी के संबंध में विशेष जानकारी मिली थी. सूत्रों ने कहा कि एक जांच ने उन्हें ट्रांसपोर्ट कंपनी गणपति रोड कैरियर्स और पीयूष जैन की ओडोकेम इंडस्ट्रीज तक पहुंचाया. पीयूष जैन ने शिखर समूह को इत्र से संबंधित कंपाउड की आपूर्ति की और केवल कैश में भुगतान की वजह से जांच के दायरे में आया. सूत्रों ने कहा कि यह गलत पहचान का मामला नहीं था.