खैरागढ़ /शौर्यपथ/
खैरागढ़ में 12 अप्रैल को होने वाले उपचुनाव में मतदान होने वाले हैं छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार ने खैरागढ़ में उपचुनाव में जीत दर्ज करने के लिए आम जनता से कई वादे किए हैं किंतु इन वादों में सबसे महत्वपूर्ण वादा खैरागढ़ को जिला बनाने का किया है कांग्रेस सरकार के इस वादे के साथ ही खैरागढ़ में चुनावी माहौल एक तरफा कांग्रेस के पक्ष में जाति दिख रही है वही जिला बनाने को लेकर पक्ष और विपक्ष की तरह-तरह की राय सोशल मीडिया के माध्यम से दर्शित हो रही है ऐसे में एक बालिका द्वारा पोस्टर के साथ एक फोटो को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने टाइप किया है जिसमें पालिका ने बड़ी मासूमियत से सवाल पूछा 17 तारीख को खैरागढ़ जिला बनही कि नई कका?
बालिका के इस पोस्टर को टैग करते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बालिका के प्रश्न का जिस तरह से उत्तर दिया है उस पर सोशल मीडिया में एक चर्चा से आरंभ हो गई है मुख्यमंत्री बघेल ने बालिका के प्रश्न के उत्तर में छत्तीसगढिय़ा भाषा में उत्तर देते हुए कहा कि "हव नोनी चिंता झन कर... कका अउ कांग्रेस के वादा नइ टूटए"
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के अकाउंट से सोशल मीडिया में इस उत्तर पर तरह तरह की प्रतिक्रियाएं दी जा रही है अधिकतर कमेंट्स में संविदा कर्मचारियों की नियमितीकरण की बात पूछ रहे हैं तो कई लोगों द्वारा शराबबंदी एवं बेरोजगारी भत्ता के बारे में सवाल उठाया जा रहा है वही अधिकतर लोग भूपेश है तो भरोसा है, कांग्रेस सरकार अपना वादा जरुर निभाएगी, किसानों के लिए उठाए गए सराहनीय कदम पर आभार व्यक्त भी किया जा रहा है भूपेश बघेल जिंदाबाद के नारों की भी बौछार कर दी गई है अधिक से अधिक कमेंट्स भूपेश पर भरोसा एवं शराबबंदी ,बेरोजगारी भत्ता एवम् नियमितीकरण पर कहीं जा रही है।
सोशल मीडिया में जिस तरह से मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पोस्ट पर प्रतिक्रिया दी जा रही है उससे तो यह प्रतीत होता है कि कांग्रेस सरकार ने दर्जनों वादे किए थे उन दर्जनों वादों में से अब सिर्फ चंद वादे ही शेष नजर आ रहे हैं कमेंट्स से यह भी प्रतीत होता है कि सिर्फ कुछ वादे ही कांग्रेस सरकार के पास बच्चे हैं जिन्हें उन्हें पूरा करना है कांग्रेस की साढ़े 3 साल की सरकार में कांग्रेस सरकार ने बिजली बिल हाफ किसानों की कर्ज माफी 2500 रुपए में धान खरीदी , वन उत्पादन की समर्थन मूल्य पर खरीदी शिक्षाकर्मियों की नियमितीकरण अनुकंपा नियुक्ति पर त्वरित कार्यवाही जैसे महत्वपूर्ण निर्णय पर भूपेश सरकार ने फैसला लेकर यह तो बता दिया है कि छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार के द्वारा चुनाव पूर्व किए गए अधिकतर वादे पूरे हो चुके हैं जो वादे अधूरे हैं वह भी पूरे होने की उम्मीद छत्तीसगढ़ की जनता कर रही है ऐसे में छत्तीसगढ़ कांग्रेस और भूपेश सरकार को पूरा भरोसा है कि खैरागढ़ उपचुनाव में जीत कांग्रेस की होगी वही अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव में भी प्रदेश की सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी भाजपा के पास सिर्फ चंद मुद्दे ही बच गए हैं । वहीं विपक्षी पार्टी भाजपा के पास वर्तमान समय में ऐसा कोई बड़ा चेहरा भी नजर नहीं आ रहा है जिसे वे मुखिया के तौर पर आम जनता के सामने पेश कर सके।
वर्तमान स्थिति में जिस तरह से छत्तीसगढ़ में राजनीतिक फिजा है उस हिसाब से भारतीय जनता पार्टी को छत्तीसगढ़ में किसी छत्तीसगढिय़ा चेहरे को ही सामने करके चुनाव लडऩा होगा । जैसी राजनीति की स्थिति है उन हालातों में छत्तीसगढ़ में अब गैर छत्तीसगढिय़ा मुखिया को छत्तीसगढिय़ा जनता अब नकार देगी ऐसे में देखना होगा कि भारतीय जनता पार्टी छत्तीसगढ़ में किस चेहरे को लेकर आने वाला विधानसभा चुनाव लड़ती है क्योंकि छत्तीसगढ़ के निर्माण के 20 साल बाद भूपेश सरकार द्वारा जिस तरह से छत्तीसगढ़ के रीति-रिवाजों संस्कारों त्योहारों आदि को महत्व देकर आम जनता में अपनी पैठ बनाई है उससे तोडऩा भाजपा के लिए एक चुनौती है कांग्रेस सरकार बनने के पहले तक शायद ही कोई नेता होगा जो मंच से छत्तीसगढिय़ा बोली के साथ आम जनता से संवाद करता था भूपेश सरकार के अस्तित्व में आने के बाद चाहे वह भाजपा हो कांग्रेस हो या अन्य राजनीतिक दल सभी वर्तमान समय में मंच से छत्तीसगढिय़ा बोली से ही संवाद करते नजर आ रहे हैं यही बदलाव छत्तीसगढिय़ा जनता को भा रही है ।