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मनमानी : सरकारी अंग्रेजी स्कूलों में नहीं चलेगा आरटीई कानून?

  • hanumaan janmotsav

संवाददाता मृणेन्द्र चौबे
राजनांदगांव / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री के महत्वकांशी योजना स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी मीडियम स्कूलों को लेकर सरकार और जिला प्रशासन जितना उत्साहित दिख रही है, उतना पालकों और बच्चों में निराशा बढ़ते जा रही है, क्योंकि स्थानीय सर्वेश्वरदास नगर पालिक निगम स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी मीडियम स्कूल में कक्षा पहली के लिए आए 1061 आवेदनों में लगभग 509 आवेदनों को अपात्र घोषित कर दिया गया है, लेकिन पालकों और बच्चों को इसकी कोई जानकारी किसी भी माध्यम से नहीं दिया गया है और सोमवार 9 मई सुबह 9 बजे ऑफ लाईन लॉटरी निकालने की तैयारी पूर्ण कर लिया गया है, जिसको लेकर पालको और बच्चों में भारी निराशा है।
शिक्षा का अधिकार कानून के अंतर्गत प्रायवेट स्कूलों में भर्ती के लिए स्कूल शिक्षा विभाग ने नर्सरी के लिए उम्र 3 से 4 वर्ष, केजी-1 के लिए 4 से 5 वर्ष और कक्षा पहली के लिए 5 से 6 वर्ष 5 माह निर्धारित किया है, लेकिन स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूलों के लिए उसी स्कूल शिक्षा विभाग ने कक्षा पहली के लिए उम्र 5 वर्ष 6 माह से लेकर 6 वर्ष 6 माह निर्धारित किया है, जो आरटीई कानून का उल्लघंन है। पालकों का कहना है कि जो बच्चा पांच वर्ष पूर्ण कर लिया है उसे कक्षा पहली में प्रवेश के लिए अपात्र घोषित करना, आरटीई कानून का उल्लघंन है, जिसको लेकर अब पालक न्यायालय जाने की तैयारी कर रहे है।
छत्तीसगढ़ पैरेंट्स एसोसियेशन के प्रदेश अध्यक्ष क्रिष्टोफर पॉल का कहना है कि जो उम्र आरटीई कानून में निर्धारित किया गया है, वही उम्र सभी स्कूलों के लिए मान्य है, लेकिन सरकारी अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों में सरकारी अधिकारियों के द्वारा मनमानी की जा रही है। अधिकारियों के द्वारा मूल कानून को बाईपास कर अलग-अलग स्कूलों के लिए अलग-अलग उम्र निर्धारित किया गया है, जो आरटीई कानून का उल्लघंन है, जिसे न्यायालय में चुनौती दी जाएगी।
 

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