राजनांदगांव / शौर्यपथ /
स्वास्थ्य सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले में सोमवार को शून्य से 18 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों व किशोर-किशोरियों के स्वास्थ्य की जांच करने के लिए विशेष स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया जाएगा। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत होने वाले इस विशेष स्वास्थ्य शिविर के लिए कई आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैंए जिसके अनुरूप शिविर लगाने की तैयारी को अंतिम रूप दिया जा रहा है। शिविर में स्वास्थ्य जांच के साथ ही स्वास्थ्य परामर्श एवं उपचार सेवा भी प्रदान की जाएगी।
शिविर में शून्य से 18 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों व किशोर-किशोरियों के कान-नाक-गला, हृदय, मस्तिष्क, हड्डी व नेत्र रोग से संबंधित जांच की जाएगी। शिविर में फिजियोथेरेपी के साथ ही दवा वितरण भी किया जाएगा। शिविर हेतु आवश्यक तैयारियों के व्यवस्थापन की कार्रवाई की जा रही है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत कार्यरत सभी चिरायु दलों को निर्देशित किया गया है कि उनके द्वारा चिन्हांकित सभी बच्चों को 23 मई को आयोजित होने वाले कैंप में अनिवार्य रूप से लाया जाए तथा उनका स्वास्थ्य परीक्षण के साथ ही आवश्यक जांच व उपचार उपलब्ध कराया जाए।
इस संबंध में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथिलेश चौधरी ने बताया: बदलते मौसम में स्वास्थ्य से जुड़ी परेशानी होना आम बात है। इसलिए मौसमी बीमारियों से बचाव के लिए समस्या आने से पहले ही सावधानी के साथ सतर्कता बरतने से स्वास्थ्य से संबंधित परेशानियों पर सहजता से नियंत्रण किया जा सकता है। विशेषकर गर्मी के मौसम में बच्चों व किशोर-किशोरियों को भी कई तरह की स्वास्थ्यगत परेशानियां होने लगती हैं तथा इससे बचाव के लिए हरसंभव प्रयास किए जाते हैं। जिले में विभिन्न जनजागरुकता कार्यक्रम भी चलाए जा रहे हैं। कलेक्टर तारण प्रकाश सिन्हा के मार्गदर्शन में 23 मई को जिला चिकित्सालय राजनांदगांव में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम अंतर्गत चिन्हांकित बच्चों का विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण एवं उपचार के लिए शिविर का आयोजन किया जाएगा। शिविर में जिला चिकित्सालय के विशेषज्ञ चिकित्सक, आयुष्मान भारत अंतर्गत अनुबंधित निजी चिकित्सालय पल्स हॉस्पिटल दुर्ग के हृदय रोग विशेषज्ञ एवं न्यूरोलॉजिस्ट सेवाएं देंगे। शिविर में शून्य से 18 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों व किशोर-किशोरियों के साथ ही शिशु रोग संबंधी समस्या होने पर भी परिजन शिविर में उपस्थित होकर विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श एवं उपचार सेवा ले सकते हैं।