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बालिका शासकीय छात्रावास में खुलेआम अश्लीलता डीईओ ने पुलिस को सुपुर्द करने के बजाए किया निलंबित

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 राजनांदगांव / शौर्यपथ /

शासकीय परिसर, शासकीय भवन, बालिका शासकीय छात्रावास, शासकीय कर्मचारी खुलेआम रंगरलियां मनाते हुए अपना फोटो वायरल करते है। संयुक्त कलेक्टर जांच कर दोषी मानते हुए शिक्षा विभाग उन्हें निलंबित कर देता है, लेकिन इसकी भनक पुलिस विभाग को नहीं होती है, जबकि यह गंभीर प्रवृत्ति का अपराध है। जिला शिक्षा अधिकारी अपने निलंबन आदेश में लिख रहे है और अखबारों में बयान दे रहे है कि अधीक्षिका और अधीक्षक खुलेआम रंगरलियां करते हुए मिले, इसलिए उन्हे निंलबित कर दिया गया है, तो उन दोनों शासकीय कर्मचारियों को पुलिस को सुपुर्द क्यों नहीं किया गया।

छत्तीसगढ़ पैरेंटस एसोसियेशन के द्वारा इस मामले में सोमवार को मंत्रालय और पुलिस मुख्यालय में शिकायत कर जिला शिक्षा अधिकारी आरएल ठाकुर के खिलाफ कार्यवाही की मांग किया गया है।
जिलाध्यक्ष त्रिगुण सादानी ने बताया कि अगले सप्ताह मुख्यमंत्री का भेंट-मुलाकात कार्यक्रम राजनांदगांव जिले में होने वाला है, जिसमें मुख्यमंत्री से पूछेंगे कि क्या शासकीय कर्मचारियों द्वारा बालिका छात्रावास में खुलेआम रंगरलियां मनाना आपराधिक कृत्य है अथवा नहीं?

 सादानी ने बताया कि सिटी कोतवाली में इस संबंध में लिखित शिकायत दी जा चुकी है और लगातार इस घटना की जानकारी पुलिस विभाग को अखबारों के माध्यम से प्राप्त हो रही है, इसके बावजूद अभी तक दोषियों के खिलाफ कोई कार्यवाही पुलिस विभाग द्वारा नहीं की गई है।

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