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वरिष्ठ के पद पर कनिष्ठ को बनाया जिला शिक्षा अधिकारी, हटाने की हुई मांग

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राजनांदगांव/ शौर्यपथ / सामान्य प्रशासन विभाग के द्वारा दिनांक 12 अगस्त 2022 को नई स्थानांतरण नीति 2022 जारी किया है, जिसके कंडिका 2.9 में यह स्पष्ट उल्लेख है कि वरिष्ठ का स्थानांतरण कर उस पद का प्रभार कनिष्ठ अधिकारी को ना दिया जाए। स्थानांतरण के पश्चात् रिक्त होने वाले पद की पूर्ति उसी पद के समकक्ष अधिकारी की पदस्थापना से की जाए।
जिला शिक्षा अधिकारी आरएल ठाकुर मूल पद उप-संचालक के रायपुर स्थानांतरण होने के पश्चात् इस पद पर राजेश सिंह, मूल पद प्राचार्य को जिले का जिला शिक्षा अधिकारी बना दिया गया है। हैरत की बात है कि जिस प्राचार्य को जिले का जिला शिक्षा अधिकारी बनाया गया है, वह प्रदेश के लगभग 700 प्राचार्यो से कनिष्ठ है। इतना ही नहीं जिले में सैकड़ों प्राचार्यो से वे कनिष्ठ है, यहां तक की उनके कार्यालय में पदस्थ कई प्राचार्य उनसे वरिष्ठ है। सामान्य प्रशासन विभाग अनेकों बार सभी विभागों को यह निर्देश दे चुका है कि वरिष्ठ के रहते कनिष्ठ को चालू प्रभार ना सौंपा जाए, क्योंकि यह देखा गया है कि जब वरिष्ठों के रहते कनिष्ठों को चालू प्रभार सौंपा जाता है, तो इससे वरिष्ठों का मनोबल कमजोर होता है।
छग स्कूल सेवा (शैक्षिक एवं प्रशासनिक संवर्ग) भर्ती तथा पदोन्नित नियम 2019 में यह स्पष्ट उल्लेख है कि जिला शिक्षा अधिकारी के पद पर उप-संचालक (संवर्ग) की पदस्थना होगी। जिले में जब से स्थानांतरण नीति 2022, सामान्य प्रशासन के स्थायी निर्देश 2014 और छग स्कूल सेवा (शैक्षिक एवं प्रशासनिक संवर्ग) भर्ती तथा पदोन्नित नियम 2019 का उल्लंघन कर राजेश सिंह की पदस्थापना हुई है तब से जिले के वरिष्ठ प्राचार्यो में इस बात को लेकर चर्चा आरंभ हो चुकी थी।
छत्तीसगढ़ पैरेंट्स एसोसियेशन के द्वारा भी नवपदस्थ जिला शिक्षा अधिकारी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है और इसकी लिखित शिकायत सामान्य प्रशासन विभाग और स्कूल शिक्षा विभाग से की गई है और जिले में नियमानुसार एक वरिष्ठ और योग्य जिला शिक्षा अधिकारी की पदस्थापना की मांग की गई है।

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