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फूड इंस्पेक्टर की गलती पर सरकार को घेरना भाजपा का राजनैतिक दिवालियापन-कांग्रेस रमन राज में पेंड्रावन जलाशय बेचने वाला अधिकारी भाजपा का नेता बन गया

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   रायपुर/ शौर्यपथ / पखांजूर के जलाशय में एक अधिकारी की गलती पर भाजपा नेताओं की बयानबाजी भाजपा की अवसरवादिता है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देश पर परलकोट जलाशय में पानी बर्बाद करने वाले दोषी फूड इंस्पेक्टर के खिलाफ निलंबन की कार्यवाही की गयी है तथा अन्य जल संसाधन विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ भी नोटिस जारी की गयी जो और लोग इस कृत्य के लिये जिम्मेदार होंगे। उनके खिलाफ भी कड़ी कार्यवाही के निर्देश मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने दिया है।
   प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि भाजपा इस मामले में जो बयानबाजी कर रहे भाजपा नेता जान ले छत्तीसगढ़ में भूपेश बघेल का राज है जो गलती करता है उस पर कड़ी कार्यवाही की जाती है, दोषियों को बख्शा नहीं जाता और न ही दोषियों को सरकारी संरक्षण मिलता है। रमन राज में अधिकारी डीएमएफ के पैसे से अपने बंगले में स्वीमिंग पूल बनवाते थे। तत्कालीन मुख्यमंत्री, वनमंत्री उस पर कार्यवाही करने की हिम्मत नहीं दिखाते थे। प्रदेश की जनता भूली नहीं है कि कैसे रमन सरकार में राजधानी रायपुर से मात्र 35 किमी दूर स्थित पेंड्रावन जलाशय को एक निजी कंपनी को बेच दिया गया था, तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष वर्तमान मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के द्वारा विधानसभा में विरोध करने के बाद उस सौदे को रद्द किया गया था।
  प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि पेंड्रावन जलाशय को बेचने वाला अधिकारी रिटायरमेंट के बाद आज भाजपा नेता है तथा रमन सिंह का खासम खास है। पेंड्रावन जलाशय बेचने वाले भाजपाई आज एक अधिकारी की गलती पर राजनीति कर रहे है। भाजपा बतायें उसको उस समय पेंड्रावन जलाशय को बेचने वाले अधिकारी के खिलाफ कार्यवाही क्यों नहीं किया था तथा रिटायरमेंट के बाद उसे एक महत्वपूर्ण पद पर बैठाया। कांग्रेस सरकार आने के बाद जब उसे हटाया गया तो भाजपा का सदस्य बनकर रमन के विधानसभा क्षेत्र का प्रभारी बना दिया गया।

  कांकेर जिले में पदस्त फ़ूड ऑफिसर राजेश विश्वास सोमवार को छुट्टी मनाने खेरकट्टा परलकोट जलाशय पहुंचे थे। वहां पर उनका महंगा फोन जलाशय में ओवर फ्लो होकर बहने वाले पानी मे गिर गया। जिसके बाद अधिकारी का फोन ढूंढने के लिए पानी को कम करने का फैसला लिया गया। पानी निकालने के लिए पिछले तीन दिन से लगातार 30 एचपी के पम्प से पानी निकाला गया और अंततः गुरुवार सुबह फोन पानी से बाहर निकाला गया। मामला सामने आने के बाद कांकेर के इस फ़ूड इस्पेक्टर की हर तरफ चर्चा होने लगी . चर्चो का दौर शुरू हुआ तो यह बात भी सामने आने लगी की लाखो की मोबाइल , लाखो की मोटर साइकल , थार जैसी महंगी गाडियों में घूमते है साथ में पिस्तौल होता है फ़ूड इस्पेक्टर विश्वास के पास . एक सरकारी नौकरी पेशा आदमी के इतने महंगे शौक के बाद अब स्थानीय लोगो का कहना है कि शासन के पद का दुरूपयोग करने वाले ऐसे अधिकारी के संपत्ति की भी जाँच होनी चाहिए कि आखिर इनके आय का स्रोत क्या है नौकरी के अलावा जो लाखो के शौक पालते है . अब देखना यह है कि क्या सिर्फ निलंबन के बाद मामला शांत हो जाएगा या फिर संपत्ति मामले की भी जाँच होगी . वही विपक्ष द्वारा मामले को लगातार तुल दिया जा रहा है .

   छत्तीसगढ़ के कांकेर में मोबाइल के लिए 21 लाख लीटर पानी बर्बाद करने वाले फूड इंस्पेक्टर राजेश विश्वास को जिला प्रशासन ने शुक्रवार को निलंबित कर दिया है। फूड इंस्पेक्टर का मोबाइल जलाशय में सेल्फी लेने के दौरान गिर गया था। इसके बाद उसे तलाश करने के लिए पंप लगाकर सारा पानी बहा दिया गया। प्रशासन ने पानी निकालने की अनुमति देने वाले जल संसाधन विभाग के एसडीओ को  भी कारण बताओ नोटिस जारी किया है। फिलहाल यह कारस्तानी करने वाले फूड इंस्पेक्टर के शौक भी बहुत महंगे हैं। वह 'थार' और लाखों की बाइक से चलते हैं। 

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शौर्यपथ

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