रायगढ़ / शौर्यपथ / राष्ट्रिय रामायण महोत्सव के संपन अवसर पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि पहली बार किसी सरकार द्वारा ऐसा आयोजन हुआ। इसमें कंबोडिया और इंडोनेशिया जैसे देशों ने हिस्सा लिया। हम सब सुंदर कांड सुनते हैं। बाल कांड सुनते हैं।अरण्य कांड प्रकृति को लेकर है। हम नदियों की सुरक्षा के लिए कार्य कर रहे हैं। आज केलो में आरती कार्यक्रम हुआ। हम नरवा कार्यक्रम चला रहे हैं। अब नदियों को लेकर यह कार्य करेंगे ताकि यह बारहमासी हों। मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान राम ने हमें सिखाया है कि कोई कार्य कठिन नहीं है। हम प्रकृति के संरक्षण के लिए कार्य करते रहेंगे। इस महोत्सव के बारे में जूरी के सदस्यों ने इस सोच की प्रशंसा की।