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ग्राम के विकास में सरपंच व सचिवों की भूमिका अहम - कलेक्टर

ग्राम के विकास में सरपंच व सचिवों की भूमिका अहम - कलेक्टर ग्राम के विकास में सरपंच व सचिवों की भूमिका अहम - कलेक्टर
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मुंगेली / शौर्यपथ / कलेक्टर राहुल देव ने कहा कि लोकतंत्र को मजबूती प्रदान करने शासन द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में भी 1993 से पंचायती राज अधिनियम लागू किया गया। जिसके पश्चात सरपंच व पंच पद के लिए निर्वाचन होना प्रारंभ हुआ। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत का मुखिया सरपंच होता है। जो गांव में विकास को नई दिशा देते है। ग्रामों में सरपंच और सचिवों की भूमिका अहम होती है। कलेक्टर श्री देव आज जनपद पंचायत लोरमी के सभाकक्ष में आयोजित सरपंच व सचिवों की बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सरपंच व सचिवों के ऊपर कई जिम्मेदारी होती है, जिसका निर्वहन सभी सरपंचों द्वारा गंभीरतापूर्वक किया जा रहा है।
कलेक्टर ने कहा कि आप सभी के द्वारा शासन की महत्वाकांक्षी योजनाओ के क्रियान्वयन में सराहनीय कार्य किया जा रहा है। उन्होंने सभी सरपंच-सचिवों से कहा कि बरसात के पहले महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वच्छ भारत मिशन, डीएमएफ आदि से संबंधित जो भी काम मिले है, उसे शीघ्र पूर्ण करा लें। राशन, सामाजिक पेंशन योजना का लाभ सभी पात्र लोगों को मिले। गांव में सामाजिक समरसता का वातावरण बना रहे। तब सही मायनो में ग्राम का विकास होगा। कलेक्टर ने अचानकमार क्षेत्र के सरपंच व सचिवों से कहा कि सीमित संसाधन में काम करना बहुत जटिल होता है। उसमे भी आप लोग बेहतर कार्य कर रहे है। उन्होंने ग्राम के विकास में सभी सरपंच-सचिवों को जिला प्रशासन द्वारा हरसंभव मदद का आश्वासन दिया।
कलेक्टर ने कहा कि आगामी समय में विधानसभा निर्वाचन होना है। इस हेतु सभी सरपंच-सचिव अपने अपने ग्राम पंचायतों में 18 वर्ष से अधिक आयुवर्ग के युवक-युवतियों का मतदाता सूची में नाम अवश्य जुड़वाएं। उन्होंने आयुष्मान भारत योजना के तहत ग्रामों के सभी पात्र हितग्राहियों का आयुष्मान कार्ड बनवाने में सहयोग करने की अपील की। कलेक्टर ने सभी सरपंच-सचिवों से कहा कि यदि किसी गांव में असामाजिक तत्वों द्वारा माहौल खराब करने की कोशिश की जाती है, तो जिला प्रशासन को जरूर अवगत कराएं। हमे ऐसे तत्वों का चिन्हांकन करना है, जो गांव में शांति व्यवस्था को बिगाड़ता है। उन्होंने कहा कि सभी सरपंच-सचिव ग्राम के विकास में सहायक बने और बेहतर कार्य करें। 15 वें वित्त की राशि का विकास कार्यों में उपयोग के लिए अभी से कार्य योजना बना लें। जो कार्य अति आवश्यक है, उसके लिए प्रस्ताव बनाकर भेजें।
कलेक्टर ने सरपंच-सचिवों की समस्याएं भी सुनी और संबंधित अधिकारियों को शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने बताया कि जिले में करीब 635 शाला भवन है, जिसके मरम्मत के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। अचानकमार क्षेत्र में चार उप स्वास्थ्य केंद्र के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। उन्होंने अचानकमार क्षेत्र के सरपंच-सचिवों को बरसात में प्रसव के 15 दिन पूर्व गर्भवती महिलाओ को सुरक्षित प्रसव के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लोरमी में भर्ती करवाने की भी समझाइश दी और कहा कि भर्ती के दौरान उन्हें रहने, भोजन सहित सभी सुविधा उपलब्ध कराया जाएगा। इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री तीर्थराज अग्रवाल, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री डी. एस. राजपूत, मुंगेली एसडीएम सुश्री आकांक्षा शिक्षा खलखो, लोरमी एसडीएम श्रीमती पार्वती पटेल सहित संबंधित विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

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