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विधायक पुन्नूलाल मोहले बोले- समाधान शिविर शासन और जनता के बीच विश्वास, संवाद और समाधान का मजबूत सेतु
मुंगेली, । मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशानुरूप सुशासन तिहार के तहत जिला मुख्यालय स्थित सतनाम भवन में समाधान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणों एवं नागरिकों ने भाग लेकर विभिन्न विभागों की योजनाओं की जानकारी प्राप्त की तथा अपनी समस्याओं एवं मांगों से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ।
शिविर में विधायक श्री पुन्नूलाल मोहले मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन कर अधिकारियों को आमजनों को योजनाओं की समुचित जानकारी उपलब्ध कराने तथा पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर नुक्कड़-नाटक एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से स्वच्छता, कचरा पृथक्करण एवं पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। नागरिकों को गीले और सूखे कचरे, सेनेटरी वेस्ट तथा स्पेशल केयर वेस्ट को अलग-अलग रखने तथा वैज्ञानिक तरीके से कचरा प्रबंधन में सहयोग करने के लिए जागरूक किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक श्री पुन्नूलाल मोहले ने कहा कि जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान ही वास्तविक सुशासन की पहचान है। उन्होंने कहा कि शासन की प्राथमिकता अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। उन्होंने राशन वितरण व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए ई-केवाईसी कराने पर जोर दिया तथा बिजली चोरी पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। विधायक ने कहा कि समाधान शिविर शासन और जनता के बीच विश्वास, संवाद और समाधान का मजबूत सेतु बनकर उभरा है। उन्होंने सुशासन तिहार के दौरान प्राप्त आवेदनों के निराकरण में जिले के उत्कृष्ट प्रदर्शन पर जिला प्रशासन को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार ने अधिकारियों को संवेदनशीलता एवं जवाबदेही के साथ कार्य करने के निर्देश देते हुए कहा कि नागरिकों की समस्याओं का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने वर्षा ऋतु के पूर्व विद्युत व्यवस्था के सभी आवश्यक मेंटेनेंस कार्य पूर्ण करने तथा बिजली संबंधी शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने सुशासन तिहार के सफल संचालन में योगदान देने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सराहना करते हुए उन्हें बधाई दी।
शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं के तहत हितग्राहियों को सामग्री एवं स्वीकृति पत्र वितरित किए गए। किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) योजना के अंतर्गत पांच किसानों को कुल 3 लाख 38 हजार रुपये के चेक प्रदान किए गए। इसके अलावा श्रम कार्ड, आयुष्मान कार्ड, आयुष्मान वय वंदना कार्ड, राशन कार्ड एवं मत्स्य जाल वितरित किए गए। बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन भी किया गया।
कार्यक्रम में मुंगेली एसडीएम श्री अजय शतरंज, सीएमओ श्री होरी सिंह ठाकुर, तहसीलदार श्री कुनाल पाण्डेय सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
हर माह मिलने वाली सहायता राशि से घरेलू जरूरतें हो रहीं पूरी, बढ़ा आत्मविश्वास
मुंगेली । मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और परिवारों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से संचालित महतारी वंदन योजना महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है। नियमित आर्थिक सहायता के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में यह योजना प्रभावी साबित हो रही है। जिले में हजारों महिलाएं इस योजना का लाभ लेकर अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ बना रही हैं।
इन्हीं लाभार्थियों में जिले की शिवकुमारी पात्रे भी शामिल हैं, जिन्हें महतारी वंदन योजना के तहत प्रतिमाह मिलने वाली सहायता राशि से आर्थिक संबल प्राप्त हो रहा है। शिवकुमारी पात्रे बताती हैं कि योजना के अंतर्गत मिलने वाली नियमित राशि से परिवार की छोटी-छोटी जरूरतों को पूरा करने में काफी सहायता मिल रही है। बच्चों की पढ़ाई, घरेलू खर्च और दैनिक आवश्यकताओं के लिए अब अतिरिक्त आर्थिक सहयोग उपलब्ध हो गया है, जिससे परिवार की आर्थिक स्थिति पहले की अपेक्षा बेहतर हुई है।
उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना केवल आर्थिक सहायता प्रदान करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह महिलाओं के सम्मान, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता को भी मजबूत कर रही है। नियमित सहायता राशि मिलने से घरेलू खर्चों का बेहतर प्रबंधन संभव हो रहा है और भविष्य के प्रति विश्वास भी बढ़ा है।
शिवकुमारी पात्रे ने बताया कि पहले घरेलू आवश्यकताओं की पूर्ति में कई बार कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था, लेकिन अब योजना से प्राप्त राशि परिवार के लिए एक महत्वपूर्ण सहारा बन गई है। उनका मानना है कि शासन की यह पहल महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के साथ-साथ पूरे परिवार को मजबूती प्रदान कर रही है।
उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रही हैं और जरूरतमंद परिवारों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला रही हैं।
बंटवारा संबंधी प्रकरण के निराकरण से मिली राहत, शासन-प्रशासन के प्रति बढ़ा विश्वास
मुंगेली । मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशानुरूप आमजन की समस्याओं के त्वरित एवं प्रभावी निराकरण के लिए आयोजित सुशासन तिहार जनसमस्याओं के समाधान का सशक्त माध्यम बनकर उभर रहा है। जिला मुख्यालय स्थित सतनाम भवन में आयोजित समाधान शिविर में विभिन्न विभागों से संबंधित अनेक आवेदनों का मौके पर निराकरण किया गया, जिससे नागरिकों को बड़ी राहत मिली है।
कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार के मार्गदर्शन में आयोजित समाधान शिविरों के माध्यम से राजस्व, सामाजिक सुरक्षा, आवास, पेंशन, राशन कार्ड, आधार कार्ड सहित विभिन्न विभागों से जुड़ी समस्याओं का समयबद्ध निराकरण किया जा रहा है। इससे शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचने के साथ ही सुशासन की अवधारणा भी साकार हो रही है।
इसी क्रम में जिले के निवासी सुशील यादव ने अपनी भूमि के बंटवारे से संबंधित राजस्व प्रकरण को लेकर समाधान शिविर में आवेदन प्रस्तुत किया था। जिला प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कार्रवाई की और उनके प्रकरण का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित किया।
सुशील यादव ने बताया कि उनकी लंबे समय से लंबित राजस्व संबंधी समस्या का समाधान होने से उन्हें बड़ी राहत मिली है। उन्होंने कहा कि पहले छोटी-छोटी समस्याओं के समाधान के लिए कई बार कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे, लेकिन सुशासन तिहार के माध्यम से प्रशासन स्वयं लोगों तक पहुंचकर समस्याओं का निराकरण कर रहा है। इससे आम नागरिकों का समय, श्रम और संसाधनों की बचत हो रही है।
उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय तथा जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सुशासन तिहार जनता और प्रशासन के बीच विश्वास का मजबूत सेतु बनकर उभरा है। यह पहल नागरिकों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए एक प्रभावी और सहज मंच प्रदान कर रही है, जिससे लोगों का शासन के प्रति विश्वास और अधिक सुदृढ़ हुआ है।
इलेक्ट्रॉनिक मीटर टेक्नीशियन और डाटा एंट्री ऑपरेटर सहित विभिन्न पदों के लिए होगी चयन प्रक्रिया
मुंगेली, । जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केंद्र द्वारा युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 19 जून 2026 को रोजगार मेले का आयोजन किया जाएगा। रोजगार मेला जिला रोजगार कार्यालय एवं जिला परियोजना लाइवलीहुड कॉलेज परिसर, जमकोर में प्रातः 11 बजे से शाम 3 बजे तक आयोजित होगा।
रोजगार मेले के माध्यम से निजी क्षेत्र की प्रतिष्ठित कंपनियों द्वारा इलेक्ट्रॉनिक मीटर टेक्नीशियन के लगभग 2 हजार पदों पर भर्ती की जाएगी। इन पदों के लिए 10वीं, 12वीं, आईटीआई, डिप्लोमा एवं स्नातक उत्तीर्ण अभ्यर्थी आवेदन कर सकेंगे।
इसके अलावा डाटा एंट्री ऑपरेटर के 90 से अधिक पदों के लिए भी भर्ती प्रक्रिया आयोजित की जाएगी। डाटा एंट्री ऑपरेटर पद हेतु 12वीं, स्नातक तथा कंप्यूटर ज्ञान रखने वाले अभ्यर्थियों को अवसर प्रदान किया जाएगा।
जिला रोजगार अधिकारी ने बताया कि इच्छुक एवं पात्र अभ्यर्थी निर्धारित तिथि एवं स्थल पर आवश्यक दस्तावेजों के साथ उपस्थित होकर रोजगार मेले का लाभ उठा सकते हैं। रोजगार मेले में शामिल होने के लिए जिला रोजगार कार्यालय का पंजीयन कार्ड साथ लाना अनिवार्य होगा।
अधिक जानकारी के लिए अभ्यर्थी ई-रोजगार पोर्टल एवं ई-रोजगार सीजी एप के माध्यम से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं अथवा जिला रोजगार कार्यालय, मुंगेली से संपर्क कर सकते हैं।
हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने दिए सख्त निर्देश, अनियमितता पर अधिकारियों की तय होगी जवाबदेही
मुंगेली, । कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार ने जिला कलेक्टोरेट स्थित मनियारी सभाकक्ष में जिला जल एवं स्वच्छता समिति की समीक्षा बैठक लेकर जल जीवन मिशन के अंतर्गत संचालित कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि मिशन के कार्यों में किसी भी प्रकार की अनियमितता, लापरवाही या गुणवत्ता में कमी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों एवं जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी तथा आवश्यकता पड़ने पर एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी।
बैठक में कलेक्टर ने हर घर जल प्रमाणीकरण की प्रगति की समीक्षा करते हुए सभी पात्र परिवारों तक शुद्ध पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा निर्धारित समय-सीमा में प्रमाणीकरण कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि केवल कागजी उपलब्धि पर्याप्त नहीं है, बल्कि प्रत्येक घर तक नियमित जल आपूर्ति सुनिश्चित होना चाहिए। जल प्रदाय पूर्णता के प्रमाण-पत्र संबंधित ग्रामों से प्राप्त करने के भी निर्देश दिए गए।
पाइपलाइन विस्तार कार्यों की समीक्षा के दौरान निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किए जाने पर कलेक्टर ने तीनों अनुविभागों के एसडीओ एवं संबंधित इंजीनियरों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने मल्टी विलेज स्कीम (एमवीएस) में बिना सहमति पाइपलाइन बिछाने तथा भुगतान संबंधी शिकायतों की जांच के लिए समिति गठित कर निष्पक्ष जांच कराने के निर्देश भी दिए।
कलेक्टर ने कहा कि जल जीवन मिशन शासन की अत्यंत महत्वाकांक्षी योजना है और इसके क्रियान्वयन में पूर्ण पारदर्शिता, गुणवत्ता तथा जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए। डी.डब्ल्यू.एस.एम. की अद्यतन गाइडलाइन की जानकारी नहीं होने पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर नाराजगी व्यक्त करते हुए सब इंजीनियर एवं एसडीओ को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
उन्होंने नल-जल मित्रों के प्रशिक्षण की समीक्षा करते हुए आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान कर उन्हें प्रभावी रूप से कार्य में शामिल करने को कहा। साथ ही माह के अंत तक सभी रिट्रोफिटिंग कार्यों को शत-प्रतिशत पूर्ण करने के निर्देश दिए। जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को सप्ताह में नियमित समीक्षा कर प्रगति सुनिश्चित करने के लिए कहा गया।
कलेक्टर ने जर्जर एवं अनुपयोगी जल टंकियों को चिन्हित कर उन्हें हटाने की कार्रवाई करने के निर्देश देते हुए कहा कि ऐसी संरचनाएं दुर्घटना का कारण बन सकती हैं। आमजन की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
सरपंच, सचिव और ठेकेदारों के साथ अलग समीक्षा बैठक
जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित जल जीवन मिशन की समीक्षा एवं समन्वय बैठक में कलेक्टर ने सरपंचों, सचिवों, ठेकेदारों एवं विभागीय अधिकारियों के साथ योजनाओं की प्रगति और गुणवत्ता की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन योजनाओं को पूर्ण बताया गया है, वहां प्रत्येक घर तक नियमित जल आपूर्ति सुनिश्चित होनी चाहिए। हर घर जल प्रमाणीकरण केवल दस्तावेजों तक सीमित न रहकर धरातल पर दिखाई देना चाहिए।
कलेक्टर ने फील्ड स्तर पर सरपंच, सचिव, ठेकेदार और विभागीय अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर कार्यों को गति देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी संबंधित विभाग, जनप्रतिनिधि एवं कार्य एजेंसियां समन्वय के साथ कार्य करें, ताकि जिले के प्रत्येक घर तक सुरक्षित एवं शुद्ध पेयजल पहुंचाने का लक्ष्य समय पर पूरा किया जा सके।
बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्री प्रभाकर पाण्डेय सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
25 हजार मीट्रिक टन से अधिक रासायनिक उर्वरक उपलब्ध, प्रशासन की कड़ी निगरानी में वितरण व्यवस्था
रायपुर // मुंगेली जिले में खरीफ सीजन 2026 की शुरुआत के साथ ही जिले के किसानों को समय पर और पर्याप्त मात्रा में खाद एवं बीज उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन और कृषि विभाग पूरी सक्रियता के साथ कार्य कर रहे हैं। कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार के निर्देशानुसार जिले में रासायनिक उर्वरकों के भंडारण, वितरण और निगरानी की सुदृढ़ व्यवस्था सुनिश्चित की गई है, जिससे किसानों को खेती-किसानी के कार्यों में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। जिले में वर्तमान में सहकारी, निजी एवं डबल लॉक केंद्रों सहित कुल 25 हजार मीट्रिक टन से अधिक रासायनिक उर्वरक उपलब्ध है। सहकारी क्षेत्र में अब तक 14 हजार 217 मीट्रिक टन से अधिक उर्वरकों का भंडारण किया गया है, जिसमें यूरिया, डीएपी, एनपीके, एसएसपी एवं म्यूरेट ऑफ पोटॉश शामिल हैं। वहीं निजी क्षेत्र में 10 हजार 727 मीट्रिक टन उर्वरक उपलब्ध कराया गया है। इसके अतिरिक्त डबल लॉक केंद्रों में 04 हजार 208 मीट्रिक टन तथा निजी थोक विक्रेताओं के पास 01 हजार 213 मीट्रिक टन उर्वरक सुरक्षित रूप से उपलब्ध है।
किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सेवा सहकारी समितियों के माध्यम से अब तक 05 हजार 668 मीट्रिक टन तथा निजी विक्रेताओं के माध्यम से 06 हजार 829 मीट्रिक टन रासायनिक उर्वरक का वितरण किया जा चुका है। इसके साथ ही जिले की 66 सहकारी समितियों में 12 हजार 412 क्विंटल बीज का भंडारण किया गया है, जिसमें मुख्य रूप से धान एवं अरहर के बीज शामिल हैं। निजी क्षेत्र के 200 से अधिक केंद्रों में भी लगभग 01 हजार 50 क्विंटल बीज उपलब्ध है। जिला प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि जिले में रासायनिक उर्वरकों का पर्याप्त भंडारण उपलब्ध है तथा लगातार नई खेप भी पहुंच रही है। ऐसे में किसी भी प्रकार की अफवाहों या भ्रामक प्रचार पर ध्यान न दें और आवश्यकता अनुसार ही खाद का क्रय करें। प्रशासन किसानों को निर्बाध रूप से खाद एवं बीज उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है ।
मुंगेली | भक्ति, सेवा और सामाजिक समरसता की प्रतीक शिरोमणि भक्त माता कर्मा की जयंती के अवसर पर ग्राम पौनी (मुंगेली) में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस गौरवशाली उत्सव में प्रदेश के उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव एवं केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए। अतिथियों ने माता कर्मा के तैलचित्र पर दीप प्रज्वलित कर छत्तीसगढ़ की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
भक्ति का ऐसा उदाहरण विरल: अरुण साव
समारोह को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि माता कर्मा का जीवन त्याग और अटूट श्रद्धा की पराकाष्ठा है। उन्होंने कहा:
"भगवान श्रीकृष्ण के प्रति माता कर्मा की भक्ति इतनी निश्छल थी कि भगवान को स्वयं उनके हाथों से खिचड़ी खाने आना पड़ा। उनका जीवन हमें सिखाता है कि सच्ची भक्ति में ही सबसे बड़ी शक्ति है। उनके आदर्श केवल एक समाज के लिए नहीं, बल्कि संपूर्ण मानवता के लिए प्रेरणा पुंज हैं।"
सामाजिक एकता और संस्कृति पर जोर
कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने भी समाज को संबोधित किया। उन्होंने माता कर्मा के सेवा भाव को याद करते हुए सामाजिक एकजुटता और भारतीय संस्कृति के संरक्षण पर बल दिया।
कार्यक्रम की प्रमुख झलकियाँ:
भव्य स्वागत: ग्राम आगमन पर ग्रामीणों और साहू समाज द्वारा अतिथियों का आत्मीय स्वागत किया गया।
प्रेरक उद्बोधन: वक्ताओं ने नई पीढ़ी को माता कर्मा के पदचिह्नों पर चलकर समाज सेवा का संकल्प लेने को प्रेरित किया।
भक्तिमय वातावरण: माता कर्मा के भजनों और जयकारों से पूरा पौनी क्षेत्र भक्तिमय हो गया।
निष्कर्ष: यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र रहा, बल्कि इसने सामाजिक समरसता और गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत को और अधिक मजबूती प्रदान की। मुंगेली जिले के इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में सामाजिक बंधु और ग्रामीण जन उपस्थित रहे।
लोरमी । शौर्यपथ / अरुण साव ने शासकीय उचित मूल्य दुकान विक्रेताओं को सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की “मजबूत कड़ी” बताते हुए कहा कि वे सार्वजनिक वितरण प्रणाली को पारदर्शी, भरोसेमंद और प्रभावी बनाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। वे आज लोरमी के मानस मंच में आयोजित प्रदेश स्तरीय शासकीय उचित मूल्य दुकान विक्रेता एवं संचालक संघ के सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।
उप मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली सीधे आम जनता के जीवन से जुड़ी है और राशन विक्रेता हजारों परिवारों तक समय पर खाद्यान्न पहुंचाकर न केवल जिम्मेदारी निभाते हैं, बल्कि समाज के प्रति एक महत्वपूर्ण दायित्व भी पूरा करते हैं। उन्होंने संघ की छह प्रमुख मांगों—कमीशन वृद्धि और क्षतिपूर्ति सहित—पर गंभीरता से विचार करने का आश्वासन दिया और बताया कि इन मांगों को वित्त विभाग को भेजकर विस्तृत चर्चा शुरू कर दी गई है।
सम्मेलन के दौरान अरुण साव ने संघ के लिए सामुदायिक भवन निर्माण हेतु 15 लाख रुपये की घोषणा की, जिससे उपस्थित विक्रेताओं में उत्साह का माहौल देखने को मिला। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार लगातार गरीबों, किसानों और महिलाओं के हित में निर्णय ले रही है और विक्रेताओं की भूमिका इन योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने में अत्यंत महत्वपूर्ण है।
इस अवसर पर एक प्रेरणादायक पहल करते हुए उप मुख्यमंत्री ने लोरमी के मेधावी विद्यार्थियों—10वीं बोर्ड टॉपर अंशुल शर्मा और 12वीं मेरिट सूची में 8वां स्थान प्राप्त करने वाले चैतुराम साहू—के घर पहुंचकर उनका मुंह मीठा कराया और उन्हें सम्मानित किया। उन्होंने दोनों छात्रों को प्रदेश में लोरमी का मान बढ़ाने के लिए बधाई देते हुए कहा कि उनकी सफलता अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विक्रेता, संचालक एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे, जहां सरकार और विक्रेताओं के बीच संवाद, सहयोग और विश्वास का मजबूत संदेश सामने आया।
चार फरार आरोपियों की पुलिस तलाश जारी
फर्जी वाहन, ओवरलोडिंग व रिसायक्लिंग के मामले में जिला प्रशासन की बड़ी कार्रवाई
मुंगेली / शौर्यपथ / मुंगेली जिले में धान खरीदी एवं परिवहन के मामले में गड़बड़ी के मामले में जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। आईसीसीसी मार्कफेड रायपुर से प्राप्त अलर्ट के आधार पर की गई जांच में धान के अवैध ओवरलोडिंग, फर्जी वाहनों से परिवहन तथा रिसायक्लिंग के गंभीर मामले उजागर हुए हैं। जांच में यह सामने आया कि धान उठाव करने वाले वाहनों द्वारा वास्तविक क्षमता से 200 प्रतिशत से लेकर 1116 प्रतिशत तक अधिक ओवरलोडिंग कर अवैध परिवहन किया गया।
कलेक्टर श्री कुंदन कुमार एवं पुलिस अधीक्षक श्री भोजराम पटेल के निर्देशानुसार खाद्य विभाग एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीम द्वारा की गई विस्तृत जांच में राइस मिलरों, समिति प्रबंधकों एवं अन्य संलिप्त व्यक्तियों द्वारा संगठित रूप से फर्जीवाड़ा कर शासन को 8 करोड़ 14 लाख रुपए से अधिक की आर्थिक क्षति पहुंचाने का खुलासा हुआ है। इस गंभीर प्रकरण में विभिन्न थानों में एफआईआर दर्ज कर 04 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि कुछ आरोपी फरार हैं।
जांच में यह तथ्य सामने आया कि आरोपियों द्वारा जानबूझकर फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए, पीडीएस चावल का वितरण नहीं किया गया, फर्जी वाहन नंबरों के माध्यम से धान का परिवहन दर्शाया गया तथा वास्तविक मात्रा से अधिक धान उठाव दिखाकर शासन को नुकसान पहुंचाया गया। प्रारंभिक जांच में लगभग 11 लाख क्विंटल से अधिक धान की खरीदी एवं परिवहन में अनियमितता के प्रमाण मिले हैं।
नवागांव घुठेरा समिति द्वारा उपलेटा राइस मिल से मिलीभगत कर 74 जीपीएस युक्त एवं 40 से अधिक बिना जीपीएस वाहनों के माध्यम से धान का अवैध परिवहन किया गया। इसी प्रकार, सिंघनुपरी उपार्जन केन्द्र द्वारा एसएस फूड के साथ मिलकर 4,542 क्विंटल धान का बिना जीपीएस वाहन से परिवहन, छटन उपार्जन केन्द्र द्वारा दीपक राइस मिल एवं नवकार मिल के साथ मिलकर 3,589 क्विंटल धान का अवैध परिवहन तथा झगरहट्टा उपार्जन केन्द्र द्वारा वर्धमान राइस मिलर्स के साथ अनियमितता किए जाने पर कार्रवाई की गई है।
इन मामलों में अब्दुल सत्तार पिता गुलाम कादर निवासी दाउपारा, विकास पाण्डेय पिता विनय पाण्डेय निवासी भटगांव-मुंगेली, महावीर जैन पिता ललित जैन, संतोष साहू पिता बलदाऊ, श्रीधर परिहार पिता हितकिशोर को गिरफ्तार किया गया है। वहीं अब्दुल समद, ललित जैन, नवेन्द मेनन एवं अनिल जांगड़े फरार बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश पुलिस द्वारा की जा रही है।
अन्य थानों में भी दर्ज हुए प्रकरण
थाना फास्टरपुर में अपराध क्रमांक 12/2026 एवं थाना लालपुर में अपराध क्रमांक 09/2026 के तहत भी धान उपार्जन केन्द्रों में फर्जी परिवहन, धोखाधड़ी एवं अनियमितताओं के मामले दर्ज किए गए हैं। इन मामलों में भी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।
जिला प्रशासन का कहना है कि धान खरीदी एवं सार्वजनिक वितरण प्रणाली में किसी भी प्रकार की अनियमितता, भ्रष्टाचार अथवा फर्जीवाड़ा किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई जारी रहेगी तथा फरार आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार किया जाएगा।
कलेक्टर कुन्दन कुमार के निर्देश पर जिला शिक्षा अधिकारी ने तुरंत जांच टीम भेजकर मामले की तहकीकात की। जांच में शिक्षक पर लगे आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए, जिससे यह स्पष्ट संदेश गया कि शैक्षणिक संस्थानों में अनुशासनहीनता और गरिमा के खिलाफ कोई रियायत नहीं होगी।
शिक्षा विभाग ने कहा कि यह कदम केवल सजा देने के लिए नहीं, बल्कि सभी शिक्षकों और अधिकारियों को अनुशासन, जिम्मेदारी और नैतिकता का पाठ पढ़ाने के लिए उठाया गया है।
अधिक जानकारी के लिए मुंगेली जिला प्रशासन की आधिकारिक वेबसाइट पर अपडेट देखें।
मुंगेली ।
जवाहर नवोदय विद्यालय में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए कक्षा 09वीं और 11वीं में प्रवेश हेतु पार्श्व चयन परीक्षा 07 फरवरी को आयोजित की जाएगी। इस संबंध में प्रवेश पत्र जारी कर दिए गए हैं।
विद्यालय के प्राचार्य ने बताया कि कक्षा 09वीं में 226 और कक्षा 11वीं में 210 विद्यार्थियों ने आवेदन किया है।
विद्यार्थी अपने प्रवेश पत्र निम्न वेबसाइटों से डाउनलोड कर सकते हैं:
कक्षा 09वीं: https://cbseitms.nic.in/2025/nvsix_9
कक्षा 11वीं: https://cbseitms.nic.in/2025/nvsxi_11
डाउनलोड करने के लिए रजिस्ट्रेशन नंबर और जन्म तिथि दर्ज करनी होगी।
जांच के दौरान वाहन क्रमांक सीजी 07 सीए 4923 को रोका गया और तलाशी लेने पर इसमें 150 कट्टी अवैध धान पाया गया। वाहन चालक की पहचान सत्यवान दास मानिकपुरी, निवासी भाटापारा के रूप में हुई, जबकि परिवहन किया जा रहा धान किसान समारू यादव, निवासी दामापुर से संबंधित पाया गया।
प्रकरण में धान सहित वाहन को जब्त कर थाना सरगांव को सुपुर्द किया गया। एसडीएम रेखा चंद्रा ने बताया कि नियमों के अनुसार आगे की विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी और शासन के निर्देशों की अवहेलना करने वालों के विरुद्ध सख्त कदम उठाए जाएंगे।
मुंगेली ।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) अंतर्गत बिहान योजना ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम कर रही है। इसी का प्रत्यक्ष उदाहरण पथरिया विकासखंड की ग्राम पंचायत बरदुली की महिला सुष्मिता जाटवर हैं, जिन्होंने संघर्ष से सफलता तक का प्रेरक सफर तय किया।
सुष्मिता जाटवर पहले आर्थिक रूप से कमजोर थीं। परिवार की सीमित आय और छोटे-छोटे कार्यों पर निर्भरता के कारण उन्हें जरूरतें पूरी करने के लिए साहूकारों से उच्च ब्याज पर ऋण लेना पड़ता था।
एनआरएलएम के तहत सत्कार महिला स्वयं सहायता समूह से जुड़ने के बाद जीवन में सकारात्मक बदलाव आया। समूह के माध्यम से उन्हें 15 हजार रुपये की रिवॉल्विंग फंड सहायता और बैंक लिंकेज के तहत 50 हजार रुपये का ऋण मिला। इस राशि का उपयोग उन्होंने अपने खेत और किराए की जमीन पर कृषि कार्य में निवेश करने और छोटा व्यवसाय शुरू करने में किया।
आज सुष्मिता भिंडी, करेला, लौकी और टमाटर जैसी सब्जियों का उत्पादन कर रही हैं, जिसे स्थानीय मंडी में बेचकर प्रतिमाह करीब 50 हजार रुपये की आय अर्जित कर रही हैं। पहले उनकी आय केवल 3 हजार रुपये प्रतिमाह थी।
आर्थिक सशक्तिकरण के साथ उनका परिवार भी बेहतर जीवन स्तर का अनुभव कर रहा है। बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य में सुधार हुआ, साहूकारों से लिया गया ऋण चुका दिया गया, और अब वह अन्य महिलाओं के लिए प्रेरक मॉडल बन गई हैं।
भविष्य में सुष्मिता व्यवसाय का विस्तार करने और बैंक सखी के रूप में अन्य ग्रामीण महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ने का कार्य करेंगी।
मुंगेली ।
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) अब केवल रोजगार देने तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह ग्रामीण आजीविका और आर्थिक आत्मनिर्भरता का सशक्त माध्यम बनकर उभरी है। योजना के तहत निर्मित डबरी जैसी जल संरचनाएं ग्रामीण किसानों के लिए स्थायी सिंचाई, अतिरिक्त आय और रोजगार का मजबूत साधन साबित हो रही हैं।
विकासखंड मुंगेली के ग्राम पंचायत रामगढ़ में किसान रामकुमार यादव की निजी भूमि पर मनरेगा योजना के तहत 1.58 लाख रुपये की लागत से डबरी का निर्माण किया गया। इससे 676 मानव दिवस का सृजन हुआ और किसान को सिंचाई के साथ-साथ मत्स्य पालन का अवसर मिला। डबरी से प्रति वर्ष लगभग 30–35 हजार रुपये की अतिरिक्त आय हुई, जबकि डबरी की मेड़ पर उगाई गई अरहर की फसल से करीब 20 हजार रुपये का लाभ अर्जित किया गया।
इससे पहले सिंचाई संसाधनों की कमी के कारण कृषि उत्पादन सीमित था, लेकिन अब यह डबरी स्थायी जलस्रोत बन गई है, जिसने कृषि के साथ मत्स्य पालन और अन्य गतिविधियों को संभव बनाया।
आयुक्त मनरेगा, रायपुर तारन प्रकाश सिन्हा ने ग्राम रामगढ़ पहुंचकर डबरी का निरीक्षण किया और रामकुमार से संवाद कर आजीविका एवं आय में हुए सकारात्मक बदलाव की जानकारी ली। उन्होंने डबरी निर्माण को ग्रामीण आय संवर्धन का मॉडल बताया।
जिला कलेक्टर कुन्दन कुमार ने कहा कि मनरेगा के माध्यम से निर्मित जल संरचनाएं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाती हैं। डबरी जैसे कार्य किसानों को सिंचाई, मत्स्य पालन और पशुपालन में बहुआयामी लाभ प्रदान करते हैं। जिला प्रशासन अधिक से अधिक किसानों तक इस लाभकारी योजना को पहुँचाने के लिए लगातार प्रयासरत है।
सीईओ जिला पंचायत मुंगेली ने बताया कि डबरी निर्माण से स्थायी परिसंपत्ति के साथ-साथ बड़े पैमाने पर रोजगार सृजित होता है। ग्राम पंचायतों को निर्देशित किया गया है कि योजनाओं का लाभ सभी पात्र हितग्राहियों तक अधिकतम रूप से पहुँच सके, जिससे आय वृद्धि और आजीविका सशक्तिकरण स्वाभाविक रूप से संभव हो।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
