दुखहरण सिंह ठाकुर की खास रिपोर्ट
कवर्धा/ शौर्यपथ/ कवर्धा जिले के ग्राम पंचायत कांदावानी जो बैगा आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र है जिसको राष्ट्रपति के दतक पुत्र माना गया है जहाँ हफ्ते भर में बैगा पुरुष महिला बच्चे की उल्टी दस्त में मौत हो गई है कांदावानी पंचायत के आश्रित गांव धुडसी में पति पत्नी की एक एक घंटे के अंतराल में मौत हो गई यहां के ग्रामीण ने बताया कि दोनो की मौत उल्टी दस्त में हुआ है वही समीप गांव कान्हाखेरो में चार साल की लडकी की मौत उल्टी दस्त से रात हो गईं, मृतिका के पिता तिहार बैगा ने बताया की रात को उल्टी दस्त होने से शरीर पस्त हो गया था वही कान्हा खेरो की युवक की मौत अज्ञात बीमारी हुआ है ग्राम पंचायत महिडबरा के आश्रित गांव खेरा में भी एक महिला की उल्टी दस्त से हो गईं रात होने के कारण इलाज के लिए नही ले जा पाए वनाचाल के ग्रामीणों ने बतास की गावो के झीरियो में ब्लीचिंग पाउडर बरसात लगाने के बाद नही डाला गया है,और न ही घरों में डी टी टी पाउडर का छिड़काव किया गया है रोज 108वा भावना संजवनी गाड़ी से मरीजों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कुकदुर लाया जा रहा है लेकिन यहां के अस्पताल में मरीजों से पूरा हाल खचाखच भरा हुआ है जिस कारण 20से25किलो मीटर दूर ब्लाक पंडरिया ले जाया जा रहा है अभी मेडिकल ऑफिसर डाक्टर आर साधु परसिंगा का कहना है स्वास्थ्य विभाग द्वारा घर घर में सर्वे की जा रही है और कुकडुर में अन्य भवन मांगी गई है ताकि मरीजों का इलाज हो सके जल्द सुदूर वना चल में कैंप लगाने की बात कही गई है सीमावर्ती राज्य मध्य प्रदेश के छोर मे बसे गांवहै वहा भी बैगा आदिवासी उल्टी दस्त से बैगा आदिवासी की मौत हो रही है