शौर्यपथ महासमुन्द ब्यूरो संतराम कुर्रे
पिथौरा:- छत्तीसगढ़ सरकार की धान खरीदी निती में अधिकारियों की ऐसी मनमानी की आज किसानों को धान बेचने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।पिथौरा तहसील कार्यालय में रोजाना किसान आकर आन लाईन पंजीकरण को लेकर वारिसान पंजीकरण को लेकर एग्रीस्टेक को लेकर सुबह दस बजे से शाम पांच बजे तक डटे रहते हैं।और शासकीय कंम्पयूटर आपरेटर सिर्फ एक जवाब देता है सर्ववर डाऊन लिंक फेल आई डी ब्लाक की बात करता है।पिथौरा तहसीलदार कार्यालय मे 30/40 किलोमीटर दूर के किसान टिफिन लेकर आते हैं परन्तु कोई काम नहीं हो रहा है।अमर सिंह गोपालपुर,खिरसाखर खैरझुड़ी, जय कुमार पिपरौद,लेखराम साहू डोगाझर,विक्रम दीवान,बिजरापाली दिगंबर भुरकोनी बुंदेली सेवाती कोलदा सुखीपाली आदि गांवों के किसान तहसीलदार कार्यालय में चक्कर लगा रहे हैं।डिधेपुर और बरेकेल के दो चार किसान कलेक्टर जनदर्शन में शिकायत दर्ज कराई पर शिकायत सिर्फ शिकायत बन कर रह गई कलेक्टर साहब कहते हैं हमे ऊपर से आदेश नही है।पिथौरा क्षेत्र के किसान कांग्रेस के प्रदेश सचिव संजय सिन्हा ने किसानों को हो रही धान पंजीकरण में परेशानी को लेकर कलेक्टर को लेटर लिख कर लिखित शिकायत किया है, समास्या का निराकरण करने की मांग की और कहा जिस राज्य में अन्न दाता किसान परेशान होगा वहां सरकार की सफालता नहीं विफालता की पहचान है।।पिथौरा क्षेत्र में धान खरीदी का हाल बेहाल है जहां किसान पंजीकरण कराने को लेकर परेशान हैं।वहीं तहसीलदार स्वयं होकर भी कार्यालय में किसानों की समास्या को हल करने में ध्यान नहीं दें रहे सिर्फ और सिर्फ बैठक की बातें कह कर बातों को टाल देते हैं व किसानों का मेहनत से कमाया गया खेती का धान को फर्जी बता कर पकड़ा जा रहा है ये उचित नही है।।।धान पंजीकरण को लेकर किसान 1/1माह से तहसीलदार कार्यालय का चक्कर लगा रहे हैं। तहसीलदार कार्यालय में जब किसान नेता संजय सिन्हा ने अधिकारी से पक्ष लेना चाहा तो तहसीलदार कार्यालय के बाबू ने कहा तहसीलदार साहब बैठक में व्यस्त हैं।जबकि बैठक हाल जनपद के बगल में है वहां सिर्फ चपरासी ही था। चपरासी से पुछा की अंदर बैठक चल रही है तो चपरासी ने बताया की कोई बैठक नहीं चल रही है। तहसीलदार कार्यालय में अधिकारी की गाड़ी खड़ी थी। कोई बैठक नहीं चल रही थी । अधिकारी किसानों की समास्या से दूरी बना कर चल रहे हैं।। शासन की धान खरीदी की निती में अधिकारियों की मनमानी सरकार के लिए भविष्य में नुकसान दायक साबित हो सकती है।।