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अमानक सड़क निर्माण पर सरकार का सख़्त प्रहार,उप मुख्यमंत्री अरुण साव के निर्देश पर लोक निर्माण विभाग की बड़ी कार्रवाई Featured

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कांकेर में घटिया डामरीकरण उजागर, SDO व उप अभियंता निलंबित, EE को कारण बताओ नोटिस

  रायपुर / शौर्यपथ / लोक निर्माण विभाग में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं—इस संदेश के साथ राज्य सरकार ने अमानक कार्यों पर कड़ी कार्रवाई जारी रखी है। उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री श्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद कांकेर जिले के दमकसा–पेटेचुआ मार्ग में गुणवत्ताहीन डामरीकरण पाए जाने पर विभाग ने दो अभियंताओं को निलंबित कर दिया है, वहीं कार्यपालन अभियंता को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
यह कार्रवाई लोक निर्माण विभाग, बस्तर परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता द्वारा प्रस्तुत जांच प्रतिवेदन के आधार पर की गई। जांच में पाया गया कि 6.80 किमी लंबाई में किया गया संपूर्ण डामरीकरण कार्य अमानक स्तर का है। पुनः डामरीकरण के दौरान आवश्यक सर्वेक्षण नहीं किया गया और तकनीकी मानकों की घोर अनदेखी हुई।

जांच प्रतिवेदन के अनुसार—
लगभग 70 प्रतिशत एम.एस.एस. परत उखड़ चुकी थी,
डामरीकरण में बी.एम. की मोटाई असमान पाई गई,
कोर सैंपल लेने पर टुकड़े-टुकड़े होकर निकलना,
डामर बिछाते समय उचित कम्पैक्शन का अभाव,
तथा बिटुमिन कंटेंट के मानकों का पालन नहीं किया गया।

इन गंभीर अनियमितताओं के लिए लोक निर्माण विभाग, चारामा उप संभाग के अनुविभागीय अधिकारी श्री के.एस. कंवर एवं उप अभियंता श्री एम.के. खरे को निलंबित करते हुए उनका मुख्यालय नवा रायपुर स्थित प्रमुख अभियंता कार्यालय निर्धारित किया गया है। निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।
वहीं, कांकेर संभाग के कार्यपालन अभियंता के.के. सरल को कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही, उदासीनता, स्वेच्छाचारिता एवं कदाचार मानते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। उन्हें नोटिस प्राप्ति के 15 दिनों के भीतर लिखित प्रतिवाद प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। निर्धारित समय में जवाब नहीं मिलने पर एकपक्षीय कार्रवाई की जाएगी।
लोक निर्माण विभाग ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक धन से होने वाले कार्यों में गुणवत्ता सर्वोपरि है और किसी भी स्तर पर लापरवाही या अमानक निर्माण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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शौर्यपथ

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