नारायणपुर / शौर्यपथ
छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में सुरक्षा बलों को नक्सल विरोधी अभियान में बड़ी सफलता हाथ लगी है। 15 फरवरी 2026 को प्राप्त जानकारी के अनुसार, नारायणपुर पुलिस और आईटीबीपी (29वीं वाहिनी) की संयुक्त टीम ने थाना ओरछा क्षेत्र के अंतर्गत खोड़पार (गोमागल) के घने जंगलों में नक्सलियों द्वारा छिपाए गए एक बड़े डंप को ध्वस्त कर दिया।
बड़ी वारदात की तैयारी थी नाकाम
सुरक्षा बलों के अनुसार, सर्चिंग ऑपरेशन के दौरान बरामद सामग्री नक्सलियों द्वारा किसी बड़ी हिंसक घटना को अंजाम देने के उद्देश्य से छिपाकर रखी गई थी।
बरामद सामग्री का विवरण
ऑपरेशन के दौरान निम्नलिखित सामग्री जब्त की गई हथियार:
12 बोर रायफल, सिंगल शॉट रायफल और कई भरमार बंदूकें
विस्फोटक एवं सैन्य उपकरण:
भारी मात्रा में कारतूस
BGL (बैरल ग्रेनेड लॉन्चर) सेल
मैगजीन
LMG नाइट साइट
IED (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) निर्माण में प्रयुक्त उपकरण
यह कार्रवाई ओरछा थाना क्षेत्र के दुर्गम पहाड़ी और घने वन क्षेत्रों में की गई, जहाँ नक्सली लंबे समय से ठिकाने बनाकर सक्रिय थे।
‘मिशन मार्च 2026’ का असर
यह सफलता छत्तीसगढ़ शासन के ‘मिशन मार्च 2026’ के तहत की जा रही उन कार्रवाइयों का हिस्सा है, जिनका लक्ष्य 31 मार्च 2026 तक राज्य को नक्सल मुक्त बनाना है।
हालिया अन्य बड़ी सफलताएँ
नारायणपुर जिले में हाल के दिनों में लगातार नक्सल विरोधी सफलताएँ दर्ज की गई हैं—
सोनपुर क्षेत्र: फरवरी 2026 की शुरुआत में नक्सलियों की हथियार फैक्ट्री के डंप से लगभग 1000 किलो एल्युमीनियम और हथियार निर्माण के उपकरण बरामद।
ओएंगर क्षेत्र: 13 फरवरी को आईटीबीपी और पुलिस ने पहाड़ी इलाके से भारी विस्फोटक जखीरा बरामद कर बड़ी साजिश को विफल किया।
नक्सली प्रतीकों पर प्रहार: कुतुल क्षेत्र के फरजा गांव में नक्सलियों द्वारा बनाए गए स्मारक को बुलडोजर से ध्वस्त कर उनकी उपस्थिति के प्रतीकों को समाप्त किया गया।
सप्लाई चेन पर सीधा प्रहार
अधिकारियों का कहना है कि इन लगातार कार्रवाइयों से नक्सलियों की हथियार और विस्फोटक सप्लाई चेन बुरी तरह प्रभावित हुई है। साथ ही, क्षेत्र में सुरक्षा का वातावरण मजबूत होने से विकास कार्यों को भी गति मिल रही है।