Print this page

नशे के सौदागरों और दरिंदों पर न्याय का करारा प्रहार ,रायपुर की अदालतों ने सुनाए सख्त फैसले, अपराधियों में मचा हड़कंप

  • rounak group

रायपुर / शौर्यपथ /

रायपुर में कानून का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। माननीय न्यायालयों द्वारा हाल के दिनों में सुनाए गए दो अहम फैसलों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि नशा तस्करी और नाबालिगों के विरुद्ध अपराधों पर अब कोई नरमी नहीं बरती जाएगी। एक ओर जहाँ एनडीपीएस एक्ट के तहत गांजा तस्करों को 10-10 साल की सजा सुनाई गई है, वहीं दूसरी ओर नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में आरोपी को प्राकृतिक मृत्यु तक आजीवन कारावास की सख्त सजा दी गई है।

10 साल का कठोर कारावास: नशा तस्करों को कड़ा संदेश

विशेष न्यायाधीश (NDPS Act) के न्यायालय ने अक्टूबर 2021 के एक मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए थाना सिविल लाइन द्वारा गिरफ्तार किए गए दो नशा तस्करों को 10-10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
अर्थदंड: दोनों दोषियों पर 1-1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
डिफॉल्ट सजा: जुर्माना अदा न करने की स्थिति में अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
मामले की पृष्ठभूमि: रायपुर पुलिस ने अक्टूबर 2021 में विशेष चेकिंग अभियान के दौरान भारी मात्रा में गांजे के साथ दोनों तस्करों को गिरफ्तार किया था। एनडीपीएस एक्ट की विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज कर सशक्त अभियोजन प्रस्तुत किया गया।
यह फैसला रायपुर पुलिस कमिश्नरेट द्वारा चलाए जा रहे “निजात अभियान” की प्रभावशीलता को दर्शाता है, जिसमें न केवल नए मामलों में कार्रवाई की जा रही है, बल्कि पुराने मामलों में भी प्रभावी पैरवी कर अपराधियों को अधिकतम सजा दिलाई जा रही है।
उल्लेखनीय है कि हाल ही में एक अन्य मामले में उड़ीसा से गांजा तस्करी करने वाले आरोपियों को भी रायपुर की विशेष अदालत ने 10 साल की सजा सुनाई है।

नाबालिग से दुष्कर्म: आरोपी को उम्रकैद, न्याय की सख्त नजीर
रायपुर के पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र में नाबालिग से दुष्कर्म के जघन्य मामले में माननीय विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) ने आरोपी को दोषी करार देते हुए “प्राकृतिक मृत्यु तक” आजीवन कारावास की कठोर सजा सुनाई है।
अर्थदंड व क्षतिपूर्ति: न्यायालय ने पीड़िता को क्षतिपूर्ति राशि प्रदान करने का भी आदेश दिया है।
साक्ष्य: अभियोजन पक्ष ने डीएनए जांच सहित वैज्ञानिक साक्ष्य और पीड़िता के सशक्त बयानों के आधार पर अपराध सिद्ध किया।
कानूनी धाराएं: पॉक्सो एक्ट एवं दुष्कर्म से संबंधित गंभीर धाराओं के तहत आरोपी को दोषी ठहराया गया।
यह फैसला बच्चों के विरुद्ध अपराधों में शून्य सहनशीलता की नीति को दर्शाता है। इसी तरह के एक अन्य मामले में रायपुर की खरोरा पुलिस द्वारा गिरफ्तार आरोपी हेमंत बंजारे को भी नाबालिग से दुष्कर्म के जुर्म में उम्रकैद की सजा सुनाई जा चुकी है।

कानून का स्पष्ट संदेश
लगातार आ रहे इन फैसलों से यह स्पष्ट है कि रायपुर पुलिस की सख्त कार्रवाई और अभियोजन की मजबूती के चलते अब अपराधियों के लिए नशा तस्करी और बच्चों के विरुद्ध अपराध करना भारी पड़ रहा है। न्यायालयों के इन कठोर निर्णयों ने समाज में विश्वास और अपराधियों में भय का वातावरण स्थापित किया है।

Rate this item
(0 votes)
शौर्यपथ

Latest from शौर्यपथ