दीपक वैष्णव की खास रिपोर्ट
कोंडागांव |
10 मार्च को कोंडागांव जिले के किसानों की समस्याओं को देखते हुए कोंडागांव की बेटी एवं कोंडागांव की विधायक सुश्री लता उसेंडी ने विधानसभा में मुख्यमंत्री के समक्ष लो वोल्टेज की समस्या को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराने की मांग की, जिससे खेती कार्य प्रभावित न हो।
विधायक सुश्री लता उसेंडी ने विधानसभा में मुख्यमंत्री से पूछा कि कोंडागांव जिले में वर्षवार बिजली की खपत कितनी है, वर्तमान में कितने विद्युत सबस्टेशन संचालित हैं तथा उनसे कितनी बिजली की सप्लाई की जा रही है। साथ ही जिले में प्रस्तावित नए सबस्टेशनों की जानकारी एवं उनकी वर्तमान स्थिति के बारे में भी जानकारी मांगी।
इसके साथ ही उन्होंने पूछा कि पिछले तीन वर्षों में कितने किसानों ने स्थायी कृषि बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन किया है और कितने किसान ऐसे हैं जिन्होंने डिमांड राशि जमा करने के बावजूद अभी तक कनेक्शन प्राप्त नहीं किया है। साथ ही यह भी जानना चाहा कि इन किसानों को कब तक स्थायी कनेक्शन उपलब्ध कराया जाएगा।
उन्होंने यह भी सवाल किया कि जिले में शासकीय संस्थाओं पर बिजली का कितना बकाया है तथा क्या सरकार सौर ऊर्जा के माध्यम से बिजली आपूर्ति की कोई योजना बना रही है।
इस पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने जवाब देते हुए बताया कि कोंडागांव जिले में वर्ष 2023-24 में 334.21 मिलियन यूनिट, वर्ष 2024-25 में 379.78 मिलियन यूनिट तथा वर्ष 2025-26 में दिसंबर 2025 तक 248.58 मिलियन यूनिट बिजली की खपत हुई है।
वर्तमान में जिले में 132/33 केवी का एक उपकेंद्र कोंडागांव (मसोरा) में संचालित है। इसके अलावा 33/11 केवी के 15 उपकेंद्रों से जिले को बिजली आपूर्ति की जा रही है, जबकि 9 अन्य उपकेंद्र ऐसे हैं जिनकी आपूर्ति जिले के बाहर से हो रही है। जिले में 1 नया 132/33 केवी और 4 नए 33/11 केवी सबस्टेशन प्रस्तावित हैं।
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि पिछले तीन वर्षों में 13,381 किसानों ने स्थायी कृषि कनेक्शन के लिए आवेदन किया है। इनमें से 7,484 कृषि सिंचाई पंपों का लक्ष्य रखा गया था, जिसमें से 3,692 पंपों का कार्य पूरा हो चुका है और 3,792 पंपों का कार्य दिसंबर 2026 तक पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है।
इसके अलावा कोंडागांव जिले में शासकीय संस्थाओं पर जनवरी 2026 तक लगभग 17.93 करोड़ रुपये का बिजली बिल बकाया है। वहीं शासकीय संस्थानों में सौर ऊर्जा के माध्यम से बिजली आपूर्ति के लिए सोलर प्लांट स्थापित करने की कार्ययोजना पर भी काम किया जा रहा है।