Print this page

“जियो और जीने दो” के संदेश के साथ गूंजा गुंडरदेही: महावीर जयंती पर शारदा वाटिका बनी आस्था का विराट संगम

  • devendra yadav birth day

संवाददाता – अजय देशमुख | गुंडरदेही
भगवान महावीर स्वामी के जन्म कल्याणक महोत्सव के अवसर पर जैन श्री संघ गुंडरदेही द्वारा स्थानीय शारदा वाटिका में आयोजित भव्य समारोह श्रद्धा, भक्ति और सामाजिक एकता का अद्भुत उदाहरण बनकर सामने आया। ‘जियो और जीने दो’ के संदेश को आत्मसात करते हुए आयोजित इस कार्यक्रम में समाज के सभी वर्गों की सहभागिता ने इसे एक यादगार उत्सव में परिवर्तित कर दिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ नन्हे-मुन्ने बच्चों की आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से हुआ, जिसने उपस्थित जनसमूह का मन मोह लिया। बहु मंडल की सदस्याओं ने मनोहारी नृत्य प्रस्तुत कर भगवान महावीर के उपदेशों को सजीव रूप में प्रस्तुत किया। इस दौरान समाज के वरिष्ठजनों की गरिमामयी उपस्थिति और उनके आशीर्वाद ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत कर दिया।

इस आयोजन की सफलता में मातृशक्ति और युवा वर्ग की भूमिका विशेष रूप से उल्लेखनीय रही। महिलाओं के समर्पण और युवाओं के सुव्यवस्थित प्रबंधन ने कार्यक्रम को अनुशासन, उत्साह और भव्यता का उत्कृष्ट स्वरूप प्रदान किया।

महोत्सव में आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। कलंगपुर, सिकोसा और सिराभाठा श्री संघ के सदस्यों की सक्रिय सहभागिता ने आयोजन की शोभा को और बढ़ाया। जैन श्री संघ गुंडरदेही ने सभी आगंतुक संघों के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया।

कार्यक्रम के दौरान जीव दया के भाव को साकार करते हुए श्रद्धालुओं ने जीव दया पेटी में ₹21,000 की राशि समर्पित की। संघ ने यह निर्णय लिया कि उक्त राशि श्री कृष्ण गौशाला को सेवा कार्य हेतु प्रदान की जाएगी, जो समाज के सेवा भाव का प्रेरणादायक उदाहरण है।
समापन अवसर पर जैन श्री संघ गुंडरदेही ने सभी सहयोगियों, दानदाताओं एवं श्रद्धालुओं के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए भविष्य में भी इसी प्रकार धर्म और समाज सेवा के कार्यों को निरंतर आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया। यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, बल्कि सामाजिक समरसता और सेवा के आदर्शों को भी सशक्त रूप से प्रस्तुत कर गया।

Rate this item
(0 votes)
शौर्यपथ

Latest from शौर्यपथ