मृणेन्द्र चौबे
राजनांदगांव/शौर्यपथ /
शासकीय शिक्षक को “नक्सली” कहे जाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। जिला राजपूत समाज एवं राष्ट्रीय करणी सेना के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर व पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर आरोपी सुरेश जैन के खिलाफ तत्काल आपराधिक प्रकरण दर्ज करने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि समय पर कार्रवाई नहीं हुई तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
ज्ञापन में बताया गया कि स्टेशन पारा स्थित शासकीय मिडिल स्कूल में पदस्थ शिक्षक सतीश सिंह, डी.पी.एड. प्रशिक्षण पूर्ण कर कार्यभार ग्रहण करने पहुंचे थे। इस दौरान वहां मौजूद बाहरी व्यक्ति सुरेश जैन ने कथित रूप से शासकीय कार्य में बाधा डालते हुए उन्हें धमकाया और स्वयं को पत्रकार बताते हुए दबाव बनाने का प्रयास किया। घटना की वीडियो रिकॉर्डिंग भी होने का दावा किया गया है। प्रतिनिधिमंडल का आरोप है कि सोशल मीडिया ग्रुप में भी सुरेश जैन द्वारा सतीश सिंह को “नक्सली” और “आतंक फैलाने वाला” कहकर आपत्तिजनक टिप्पणी की गई, जिससे न केवल संबंधित शिक्षक बल्कि पूरे समाज की भावना आहत हुई है।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि सतीश सिंह नक्सल हिंसा से पीड़ित परिवार से आते हैं और खेल के क्षेत्र में राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर उपलब्धियां हासिल कर चुके हैं। ऐसे में उनके खिलाफ इस तरह की टिप्पणी को गंभीर और निंदनीय बताया गया है। समाज के पदाधिकारियों ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही यह भी पूछा गया है कि बाहरी व्यक्ति को विद्यालय परिसर में हस्तक्षेप की अनुमति कैसे दी गई। राजपूत समाज ने स्पष्ट किया है कि यदि प्रशासन ने जल्द कार्रवाई नहीं की, तो समाज सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।