रायपुर, ।
लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल ने विभागीय निर्माण कार्यों में तेजी, गुणवत्ता और आधुनिक तकनीक को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं। नवा रायपुर स्थित निर्माण भवन में आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने स्पष्ट कहा कि शासकीय भवनों के निर्माण में अब पारंपरिक ढांचे के बजाय वर्टिकल एवं आधुनिक डिजाइनों को बढ़ावा दिया जाए, ताकि उपलब्ध भूमि का बेहतर उपयोग हो सके और सुविधाएं अधिक व्यवस्थित रूप में विकसित की जा सकें।
बैठक में विभाग के सभी मुख्य अभियंताओं के साथ विभिन्न निर्माण कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। इस दौरान लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता श्री वी.के. भतपहरी भी उपस्थित रहे।
भू-अर्जन और वन-व्यपवर्तन की बाधाएं समय-सीमा में दूर करने के निर्देश
सचिव श्री बंसल ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सड़क, भवन और पुल निर्माण कार्यों में आने वाली प्रमुख बाधाओं जैसे भू-अर्जन, वन-व्यपवर्तन, पोल शिफ्टिंग और अन्य तकनीकी अड़चनों का समय-सीमा में त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने कहा कि अधिकारी स्वयं रुचि लेकर इन मामलों की मॉनिटरिंग करें और आवश्यकता पड़ने पर वरिष्ठ कार्यालयों को तत्काल अवगत कराएं, ताकि उच्च स्तर पर समाधान किया जा सके।
स्कूल, अस्पताल और हॉस्टल भवनों के लिए नई कार्ययोजना तैयार होगी
बैठक में हाई स्कूल, हायर सेकेंडरी स्कूल, शासकीय छात्रावास, मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल और कम्पोजिट भवनों के निर्माण को लेकर भी महत्वपूर्ण चर्चा हुई।
सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि भूमि की उपलब्धता और उपयोगिता को ध्यान में रखते हुए हॉरिजांटल निर्माण के बजाय वर्टिकल निर्माण मॉडल अपनाने की कार्ययोजना तैयार की जाए। साथ ही भवनों के डिजाइन आधुनिक, उपयोगी और तकनीकी रूप से उन्नत हों, इस पर विशेष ध्यान देने को कहा गया।
बजट में शामिल कार्यों के प्राक्कलन तत्काल भेजने के निर्देश
श्री बंसल ने वर्ष 2025-26 और 2026-27 के बजट में शामिल सभी निर्माण कार्यों के प्राक्कलन प्राथमिकता क्रम में तत्काल प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परियोजनाओं में अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी प्रक्रियाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए।
हर 15 दिन में होगी लंबित मामलों की समीक्षा
बैठक में सचिव ने वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देशित किया कि—
- कोर्ट प्रकरण
- भू-अर्जन संबंधी मामले
- लोक सेवा गारंटी के लंबित प्रकरण
की हर 15 दिनों में नियमित समीक्षा की जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकरण के निराकरण में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए।
छुट्टी के दिनों में भी सतर्क रहेंगे इंजीनियर
लोक निर्माण विभाग के सचिव ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और प्रगति को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए सभी कार्यपालन अभियंताओं, अनुविभागीय अधिकारियों एवं उप अभियंताओं को निर्देश दिए कि वे छुट्टी के दिनों में भी सतर्क रहें और बिना अनुमति मुख्यालय न छोड़ें।
उन्होंने स्पष्ट किया कि वरिष्ठ अधिकारी किसी भी दिन निर्माण कार्यों का औचक निरीक्षण कर सकते हैं। इसलिए सभी कार्यों को निर्धारित मानकों और पूर्ण मासिक कार्ययोजना के अनुसार संचालित किया जाए।
नई तकनीक और आधुनिक निर्माण पर रहेगा फोकस
बैठक में डीपीआर तैयार करने, एजेंसी निर्धारण, सड़कों एवं भवनों की मरम्मत तथा मेजरमेंट बुक के लिए नई तकनीकों के उपयोग पर भी जोर दिया गया। विभाग का उद्देश्य अब निर्माण कार्यों को अधिक पारदर्शी, तकनीकी रूप से सक्षम और समयबद्ध बनाना है।