2 प्रतिशत महंगाई भत्ता, कैशलेस चिकित्सा सुविधा एवं सेवा सुरक्षा सहित विभिन्न मांगों पर की कार्रवाई की मांग
दुर्ग । छत्तीसगढ़ प्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ, दुर्ग के पदाधिकारियों ने कर्मचारियों की छह सूत्रीय मांगों को लेकर मुख्यमंत्री एवं मुख्य सचिव, छत्तीसगढ़ शासन के नाम कलेक्टर दुर्ग के माध्यम से ज्ञापन सौंपा। भोजनावकाश के दौरान आयोजित इस कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के कर्मचारी एवं संघ के पदाधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
संघ के प्रतिनिधियों ने बताया कि संगठन की प्रबंधकारिणी एवं विभिन्न कर्मचारी संगठनों की सहमति से कर्मचारियों के हितों से जुड़ी लंबित मांगों के निराकरण हेतु शासन का ध्यान आकर्षित किया गया है।
ज्ञापन में प्रमुख रूप से राज्य के लगभग साढ़े चार लाख अधिकारी-कर्मचारियों एवं पेंशनरों को केंद्र सरकार के कर्मचारियों की तर्ज पर 1 जनवरी 2026 से 2 प्रतिशत महंगाई भत्ता एवं महंगाई राहत प्रदान करने की मांग की गई है। साथ ही डीए एरियर राशि को जीपीएफ खातों में समायोजित करने का भी आग्रह किया गया है।
संघ ने विधानसभा के बजट सत्र में घोषित कैशलेस चिकित्सा सुविधा को शीघ्र लागू करने हेतु आवश्यक नियम एवं दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की है। इसके अलावा सेवानिवृत्ति पर अवकाश नगदीकरण की सीमा 240 दिनों से बढ़ाकर 300 दिन करने, संविदा, दैनिक वेतनभोगी एवं अनियमित कर्मचारियों को रिक्त पदों पर नियमित करने तथा उनकी सेवा सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग भी ज्ञापन में शामिल है।
ज्ञापन में शिक्षक एल.बी. संवर्ग के लिए प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा गणना करते हुए समस्त सेवागत लाभ प्रदान करने तथा अनुकंपा नियुक्ति में लागू 10 प्रतिशत की सीमा समाप्त करने की मांग भी उठाई गई है।
इस अवसर पर शिक्षक फेडरेशन के श्री राजेश चटर्जी, प्रांतीय महामंत्री श्री विजय लहरे, वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्री प्रदीप चौहान, जिलाध्यक्ष श्री भानु प्रताप यादव, जिला सचिव श्री शिवदयाल धृतलहरे, शिक्षा विभाग के संयोजक श्री सुखेंद्र देवांगन, पशु चिकित्सा विभाग के संयोजक श्री सुरेश साहू, स्वास्थ्य संयोजक श्री पंकज राठौर, लघु वेतन कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष श्री मोतीराम खिलाड़ी सहित विभिन्न विभागों के कर्मचारी एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे।