पुल बनने से पहले ही टूटने लगा, गुणवत्ता पर उठे गंभीर सवाल
धमतरी / शौर्यपथ / जिले के नगरी विकासखंड में लोक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा गणेश घाट से देऊरपारा मार्ग पर गोवर्धन भाटा के समीप लगभग 1 करोड़ 87 लाख रुपये की लागत से बन रहे पुल के निर्माण कार्य पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। निर्माणाधीन पुल का बेस पहली ही हल्की जलधारा के दबाव में जगह-जगह से टूटकर टुकड़ों में बिखर गया, जिससे निर्माण की गुणवत्ता और विभागीय निगरानी पर सवाल उठने लगे हैं।
जानकारी के अनुसार पुल निर्माण के तहत नदी में सरिया बिछाकर बेस तैयार किया गया था। अभी निर्माण कार्य जारी ही था कि नदी में पानी की हल्की धार आने पर बेस का हिस्सा कई स्थानों से उखड़कर टूट गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि निर्माण के दौरान ही पुल का आधार इतनी आसानी से क्षतिग्रस्त हो रहा है, तो भविष्य में भारी बारिश और बाढ़ के दौरान इसकी मजबूती पर गंभीर संदेह पैदा होना स्वाभाविक है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है। उनका कहना है कि करोड़ों रुपये की लागत से बनने वाले पुल में यदि शुरुआत में ही ऐसी स्थिति बन रही है, तो यह सरकारी धन के दुरुपयोग और निर्माण एजेंसी की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल है।
क्षेत्रवासियों ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों और संबंधित ठेकेदार की जवाबदेही तय करते हुए पूरे निर्माण कार्य की तकनीकी जांच कराने तथा गुणवत्ता की स्वतंत्र जांच की मांग की है। लोगों का कहना है कि समय रहते निर्माण में खामियों को दूर नहीं किया गया तो भविष्य में यह पुल आम लोगों के लिए खतरा बन सकता है।
अब देखना होगा कि लोक निर्माण विभाग इस मामले में क्या कदम उठाता है और निर्माण कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए दोषियों पर क्या कार्रवाई की जाती है। फिलहाल पहली ही बारिश में पुल के बेस के टूटने की घटना ने विभाग और ठेकेदार दोनों को कठघरे में खड़ा कर दिया है।