कटघोरा-डोंगरगढ़ रेल लाइन को मिलेगी गति, रावघाट-जगदलपुर परियोजना की समीक्षा, नई रेल लाइनों के शीघ्र अनुमोदन का किया आग्रह
रायपुर । छत्तीसगढ़ में रेल नेटवर्क के व्यापक विस्तार और क्षेत्रीय विकास को नई गति देने की दिशा में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नई दिल्ली प्रवास के दौरान केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से विस्तृत चर्चा की। बैठक में प्रदेश की प्रमुख रेल परियोजनाओं, नई रेल लाइनों और लंबित योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए उन्हें शीघ्र गति देने पर जोर दिया गया। बैठक में केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू तथा राजनांदगांव सांसद संतोष पांडे भी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ देश का प्रमुख औद्योगिक, खनिज और कृषि राज्य है। ऐसे में रेलवे नेटवर्क का विस्तार केवल परिवहन सुविधा तक सीमित नहीं है, बल्कि उद्योग, व्यापार, पर्यटन, कृषि विपणन और जनजातीय क्षेत्रों के संतुलित विकास का मजबूत आधार है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में रेलवे अधोसंरचना का तेजी से विस्तार हो रहा है, जिसका लाभ छत्तीसगढ़ को भी मिल रहा है।
कटघोरा-डोंगरगढ़ रेल लाइन बनेगी विकास की नई धुरी
बैठक में 295 किलोमीटर लंबी कटघोरा-डोंगरगढ़ नई रेलवे लाइन परियोजना पर विशेष चर्चा हुई। रेल मंत्रालय और छत्तीसगढ़ सरकार के संयुक्त उपक्रम (ज्वाइंट वेंचर) के माध्यम से इस परियोजना के लिए स्पेशल परपज़ व्हीकल (SPV) का गठन किया जाएगा।
यह रेल लाइन कटघोरा, करतला, मुंगेली, कवर्धा और खैरागढ़ होते हुए डोंगरगढ़ तक पहुंचेगी। इससे पहली बार कई ऐसे क्षेत्रों को रेलवे नेटवर्क से जोड़ा जाएगा, जहां अब तक रेल सुविधा उपलब्ध नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परियोजना क्षेत्रीय विकास, औद्योगिक निवेश और लाखों लोगों की आवाजाही के लिए मील का पत्थर साबित होगी।
रावघाट-जगदलपुर रेल परियोजना को मिलेगी रफ्तार
बैठक में 140 किलोमीटर लंबी रावघाट-जगदलपुर रेलवे लाइन की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने बताया कि परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और रेलवे की निविदा प्रक्रिया अंतिम चरण में है। उन्होंने निर्माण कार्य शीघ्र शुरू करने का आग्रह किया ताकि बस्तर अंचल की रेल कनेक्टिविटी मजबूत हो सके।
सरगुजा सहित उत्तर छत्तीसगढ़ की तीन नई रेल लाइनों पर जोर
मुख्यमंत्री ने रेल मंत्री से प्रदेश की तीन महत्वपूर्ण रेल परियोजनाओं को शीघ्र स्वीकृति देने का आग्रह किया—
सरडेगा–पत्थलगांव–अंबिकापुर (244 किमी)
धरमजयगढ़–पत्थलगांव–लोहरदगा (301 किमी)
अंबिकापुर–बरवाडीह (200 किमी)
उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से उत्तर छत्तीसगढ़ और सीमावर्ती क्षेत्रों में रेल संपर्क मजबूत होगा तथा व्यापार, पर्यटन, खनिज परिवहन और स्थानीय रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इन परियोजनाओं पर सकारात्मक पहल का भरोसा दिलाया।
बस्तर में दो नई रेल परियोजनाओं के सर्वे पर भी चर्चा
बैठक में किरंदुल–कोत्तागुडेम (180 किमी) तथा गढ़चिरौली–बीजापुर–किरंदुल (बचेली) (490 किमी) नई रेल लाइन परियोजनाओं के सर्वे कार्य की प्रगति की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने सर्वे शीघ्र पूरा कर आगामी कार्यवाही शुरू करने का आग्रह किया ताकि बस्तर क्षेत्र में कनेक्टिविटी, विकास और सुरक्षा से जुड़े प्रयासों को और मजबूती मिल सके।
बैठक के अंत में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से छत्तीसगढ़ में रेलवे विकास का नया दौर शुरू हुआ है। नई रेल परियोजनाएं औद्योगिक विकास, खनिज परिवहन, कृषि उत्पादों की आसान आवाजाही, पर्यटन संवर्धन और जनजातीय क्षेत्रों के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी तथा 'विकसित छत्तीसगढ़' के लक्ष्य को नई गति देंगी।