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बालोद आबकारी विभाग में 'बलि के बकरे' बने 5 प्लेसमेंट कर्मचारी? अवैध शराब कारोबार के बीच अधिकारियों पर उठे गंभीर सवाल

  • rounak group

ढाबों में खुलेआम शराब बिक्री के आरोप, कर्मचारियों का दावा- धमकाकर करवाए गए हस्ताक्षर, जिम्मेदारों पर कार्रवाई नहीं; जांच की उठी मांग

बालोद। बालोद जिले के आबकारी विभाग में कथित अनियमितताओं और अवैध शराब कारोबार को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। विभाग के उप निरीक्षक आसाराम के कार्यक्षेत्र में कई ढाबों पर अवैध रूप से शराब बेचने और पिलाने के आरोप सामने आए हैं। स्थानीय सूत्रों का दावा है कि इन गतिविधियों के वीडियो भी मौजूद हैं, लेकिन अब तक विभाग की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।

इसी बीच देसी-विदेशी शराब दुकान से जुड़े मामले में पांच प्लेसमेंट कर्मचारियों को सेवा से हटा दिए जाने के बाद विवाद और गहरा गया है। हटाए गए कर्मचारियों का आरोप है कि विभागीय अधिकारियों ने उन पर दबाव बनाकर कुछ दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कराए और बाद में पूरी जिम्मेदारी उन्हीं पर डालते हुए नौकरी से बाहर कर दिया।

कर्मचारियों के अनुसार सुपरवाइजर यशपाल, सेल्समैन चुम्मन लाल, टिकेश्वर निषाद, गार्ड दिलीप और ढालेंद्र को एडीओ तथा उप निरीक्षक आसाराम ने दुकान में बुलाकर दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने के लिए कहा। कर्मचारियों का आरोप है कि विरोध करने पर उन्हें धमकाया गया और अगले ही दिन सेवा से हटा दिया गया। उनका यह भी कहना है कि उन्हें चेतावनी दी गई कि यदि उन्होंने "नेतागिरी" की तो परिणाम ठीक नहीं होंगे।

पीड़ित कर्मचारियों का दावा है कि कई महीनों का सीसीटीवी फुटेज भी खंगाला गया, लेकिन कथित रूप से शराब निकालने या किसी अनियमितता का कोई स्पष्ट प्रमाण नहीं मिला। इसके बावजूद कार्रवाई केवल निचले स्तर के कर्मचारियों पर की गई, जबकि वास्तविक जिम्मेदार अधिकारियों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।

मामले को लेकर यह आरोप भी सामने आए हैं कि जिन क्षेत्रों की जिम्मेदारी उप निरीक्षक आसाराम के पास है, वहां कई ढाबों में लंबे समय से अवैध रूप से शराब बेची और परोसी जा रही है। यदि इन आरोपों में सच्चाई है तो यह आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।

घटना के बाद स्थानीय लोगों और हटाए गए कर्मचारियों के परिजनों ने जिला कलेक्टर तथा आबकारी आयुक्त से पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने अवैध शराब बेचने वाले ढाबों पर तत्काल छापेमारी, दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई तथा हटाए गए पांचों कर्मचारियों की बहाली की भी मांग की है।

विभाग का पक्ष प्रतीक्षित

इस संबंध में उप निरीक्षक आसाराम से मोबाइल फोन के माध्यम से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। वहीं बालोद के जिला आबकारी अधिकारी पलक नंदन से भी पक्ष जानने का प्रयास किया गया, किंतु उनका आधिकारिक जवाब प्राप्त नहीं हो सका।

(नोट: यह समाचार संबंधित कर्मचारियों, स्थानीय सूत्रों और परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों पर आधारित है। संबंधित अधिकारियों का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।)

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