शौर्यपथ संवाददाता, गुंडरदेही। बालोद जिले के गुंडरदेही एवं अर्जुदा क्षेत्र में खाद्य सुरक्षा नियमों की खुलेआम अनदेखी के आरोप सामने आए हैं। स्थानीय बाजारों में बिना निर्माण तिथि (Manufacturing Date), एक्सपायरी डेट (Expiry Date), बैच नंबर, निर्माता का नाम और अन्य अनिवार्य विवरण अंकित किए बिना पैक की गई नमकीन एवं खाद्य सामग्री बेचे जाने की शिकायतों ने उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ा दी है। यह मामला केवल नियमों के उल्लंघन तक सीमित नहीं, बल्कि सीधे आम लोगों के स्वास्थ्य से जुड़ा हुआ है।
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि गुंडरदेही के धमतरी चौक स्थित जोधपुर मिष्ठान भंडार, रेस्ट हाउस के सामने स्थित यादव सेव एवं मिष्ठान भंडार तथा अर्जुदा के लवली रेस्टोरेंट एवं मिष्ठान भंडार में तैयार किए जाने वाले खाद्य पदार्थों में संदिग्ध 'कुंदा खोवा' का उपयोग किया जा रहा है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन यदि इनमें तथ्य पाए जाते हैं तो यह खाद्य सुरक्षा मानकों का गंभीर उल्लंघन माना जाएगा। ऐसे मामलों में खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर प्रयोगशाला जांच कराना आवश्यक है, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके।
खाद्य सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी पैक खाद्य उत्पाद पर निर्माण तिथि, उपयोग की अंतिम तिथि, बैच नंबर, निर्माता का नाम और अन्य आवश्यक विवरण अंकित होना कानूनन अनिवार्य है। इनके अभाव में ऐसे उत्पादों की बिक्री उपभोक्ता अधिकारों और खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन है। बिना पहचान वाले खाद्य पदार्थ यदि बासी या दूषित हों तो उनके सेवन से फूड पॉइजनिंग, पेट संबंधी संक्रमण और अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जिले के कई बाजारों में लंबे समय से इस तरह की सामग्री बिक रही है, लेकिन खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से नियमित निरीक्षण और प्रभावी कार्रवाई नजर नहीं आती। इससे विभागीय निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। लोगों ने जिलेभर में विशेष जांच अभियान चलाकर दुकानों, होटलों और खाद्य प्रतिष्ठानों की सघन जांच, संदिग्ध खाद्य सामग्री के नमूने लेने तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी का पक्ष
खाद्य सुरक्षा अधिकारी संजय नंद ने बताया कि "दो-तीन स्थानों से शिकायतें प्राप्त हुई हैं। जल्द ही जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।"