ओवररेट बिक्री और अवैध शराब प्रकरण में सख्त कदम, मुख्यमंत्री बोले- भ्रष्टाचार और नियमों के उल्लंघन पर जीरो टॉलरेंस
रायपुर, 6 अगस्त। छत्तीसगढ़ में शराब दुकानों में अधिक कीमत पर शराब बिक्री और गंभीर अनियमितताओं के मामलों पर आबकारी विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो आबकारी उपनिरीक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। वहीं 53 पेटी अवैध शराब प्रकरण में बालोद की सहायक जिला आबकारी अधिकारी के विरुद्ध विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा शासन को भेजी गई है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति पर कार्य कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नियमों की अनदेखी करने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।
आबकारी आयुक्त के आदेश के अनुसार बलौदाबाजार-भाटापारा जिले की रोहासी देशी कम्पोजिट शराब दुकान में अधिक कीमत पर शराब बिक्री की शिकायत पर समुचित कार्रवाई नहीं करने तथा दुकान के सीसीटीवी सिस्टम को अद्यतन नहीं रखने के कारण आबकारी उपनिरीक्षक पी. माधव राव को निलंबित किया गया है।
दूसरी कार्रवाई बालोद जिले से जुड़ी है। धमतरी के अर्जुनी थाना क्षेत्र में 25 जुलाई को जब्त 53 पेटी अवैध देशी एवं विदेशी शराब की जांच में शराब का स्रोत बालोद की अरकार देशी कम्पोजिट शराब दुकान पाया गया। जांच में निर्धारित सीमा से अधिक मात्रा में थोक बिक्री की पुष्टि होने पर संबंधित वृत्त प्रभारी आबकारी उपनिरीक्षक आशा राम शाक्य को भी तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।
इसी मामले में अरकार शराब दुकान की प्रभारी एवं सहायक जिला आबकारी अधिकारी निलोफर जैन के शिथिल नियंत्रण और कर्तव्य के प्रति लापरवाही को गंभीर मानते हुए आबकारी आयुक्त ने उनके विरुद्ध विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा वाणिज्यिक कर (आबकारी) विभाग को भेजी है।
आबकारी विभाग ने स्पष्ट किया है कि शराब दुकानों में ओवररेट बिक्री, अवैध शराब के कारोबार और नियमों के उल्लंघन के मामलों में आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।