रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भारतीय लोक प्रशासन संस्थान, नई दिल्ली की छत्तीसगढ़ क्षेत्रीय शाखा द्वारा प्रकाशित पुस्तक ‘जशपुर : एक परिचय’ का विमोचन किया। उन्होंने प्रकाशन को जशपुर की विशिष्ट पहचान, प्रशासनिक अनुभवों और विकास की संभावनाओं को देश-दुनिया के सामने लाने वाला महत्वपूर्ण दस्तावेज बताया।
पुस्तक में आजादी के बाद जशपुर की प्रशासनिक व्यवस्था में आए बदलाव, सुशासन, सामाजिक-आर्थिक विकास, जनजातीय संस्कृति, प्राकृतिक संपदा और भविष्य की विकास संभावनाओं का समग्र अध्ययन प्रस्तुत किया गया है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जशपुर की पहाड़ियां, वन, नदियां, जलप्रपात और समृद्ध जनजातीय परंपराएं इसे छत्तीसगढ़ के विशिष्ट अंचलों में स्थान देती हैं। स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखकर विकास और प्रकृति के बीच संतुलन बनाना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि कृषि, वनोपज, पर्यटन, स्थानीय उत्पादों तथा महिला और युवा उद्यमिता के माध्यम से जशपुर की अर्थव्यवस्था को और मजबूत किया जा सकता है। यह अध्ययन प्रशासन को जिले की वास्तविक परिस्थितियों को समझने और भविष्य की विकास प्राथमिकताएं तय करने में उपयोगी आधार प्रदान करेगा।
उल्लेखनीय है कि भारतीय लोक प्रशासन संस्थान के राष्ट्रीय अभियान के तहत प्रत्येक क्षेत्रीय शाखा को संबंधित राज्य के कम से कम एक जिले का व्यापक अध्ययन करने का दायित्व दिया गया है। इसी क्रम में छत्तीसगढ़ की 33 जिलों में से जशपुर का चयन किया गया। वर्ष 1998 में पृथक जिला बनने से पहले जशपुर रायगढ़ जिले की तहसील था। अध्ययन में रायगढ़ जिला गजेटियर, जनगणना 2011, केंद्र एवं राज्य सरकार के प्रकाशनों, विभागीय रिपोर्टों और जिला प्रशासन से प्राप्त आंकड़ों का उपयोग किया गया है।
यह पुस्तक पारंपरिक जिला गजेटियर के बजाय जशपुर के प्रशासन, समाज, संस्कृति, अर्थव्यवस्था और विकास यात्रा का संक्षिप्त समग्र दस्तावेज है। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि यह पुस्तक प्रशासकों, नीति-निर्माताओं, शोधार्थियों और विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण संदर्भ ग्रंथ बनेगी तथा भविष्य में जशपुर पर होने वाले विस्तृत शोध और विकासपरक अध्ययनों का आधार तैयार करेगी।
विमोचन अवसर पर भारतीय लोक प्रशासन संस्थान की छत्तीसगढ़ क्षेत्रीय शाखा रायपुर के चेयरमैन एवं पूर्व मुख्य सचिव सुयोग्य कुमार मिश्रा, वाइस चेयरमैन एवं पूर्व अपर मुख्य सचिव डॉ. इंदिरा मिश्रा तथा वाइस चेयरमैन, पूर्व मुख्य सचिव एवं वर्तमान छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयुक्त श्री अजय सिंह उपस्थित रहे।