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मोबाइल वरदान या अभिशाप, झूलेलाल महिला मंडल की सांस्कृतिक प्रस्तुति ने दिया संतुलित उपयोग का संदेश

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  धमतरी / शौर्यपथ / सिंध समाज धमतरी द्वारा प्रतिवर्ष आयोजित किए जाने वाले अपने इष्ट देव साईं झूलेलाल जी का 40 दिवसीय चालीहा महोत्सव का आयोजन इस वर्ष भी पूरे उत्साह, उमंग और धार्मिक श्रद्धा के साथ किया जा रहा है। 9 अगस्त से प्रारंभ हुए इस महोत्सव के अंतर्गत प्रत्येक मंगलवार को कोष्टापारा स्थित झूलेलाल मंदिर के बाजू स्थित झूलेलाल हाल में समाज द्वारा विभिन्न धार्मिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में चालीहा महोत्सव के तीसरे मंगलवार को झूलेलाल महिला मंडल द्वारा "मोबाइल,वरदान या अभिशाप" विषय पर आकर्षक एवं संदेशप्रद सांस्कृतिक प्रस्तुति दी गई।
महिला मंडल की महिलाओं एवं बाल कलाकारों ने अपनी शानदार अभिनय क्षमता के माध्यम से मोबाइल फोन के आधुनिक जीवन में बढ़ते महत्व, उसके सदुपयोग से होने वाले सकारात्मक प्रभाव तथा इसके दुरुपयोग से उत्पन्न होने वाली सामाजिक एवं पारिवारिक समस्याओं को प्रभावी ढंग से मंच पर प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में यह दर्शाया गया कि मोबाइल तकनीक आज शिक्षा, व्यापार, संचार, स्वास्थ्य, रोजगार एवं अन्य अनेक क्षेत्रों में वरदान साबित हो रही है। वहीं दूसरी ओर इसके अत्यधिक एवं गलत उपयोग से परिवार, बच्चों, सामाजिक संबंधों तथा व्यक्तिगत जीवन पर पडऩे वाले दुष्प्रभावों को भी नाट्य प्रस्तुति के माध्यम से बखूबी उजागर किया गया।
महिला मंडल परिवार की महिलाओं और बच्चों ने विभिन्न पात्रों के माध्यम से आधुनिक जीवन की परिस्थितियों को जीवंत कर दिया। हास्य, भावनात्मक संवाद और सामाजिक संदेश से भरपूर इस प्रस्तुति ने उपस्थित दर्शकों को जहां खूब गुदगुदाया, वहीं उन्हें मोबाइल के संतुलित एवं सार्थक उपयोग के प्रति गंभीरता से सोचने के लिए भी प्रेरित किया। प्रस्तुति के दौरान सभागार लगातार तालियों की गडग़ड़ाहट से गूंजता रहा। समाज के सभी वर्गों से पहुंचे लोगों ने कार्यक्रम की जमकर सराहना की।
झूलेलाल मंदिर में लगभग शाम 7.00 बजे विशेष महाआरती के बाद प्रारंभ हुआ यह कार्यक्रम रात करीब 10:30 बजे तक चला। बड़ी संख्या में समाजजन एवं सर्वसमाज के नागरिक कार्यक्रम में उपस्थित रहे और महिला मंडल की इस अनूठी प्रस्तुति का आनंद लिया। पूज्य सिंधी पंचायत सहित समाज की विभिन्न इकाइयों के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने महिला मंडल की इस पहल की प्रशंसा करते हुए महिला कलाकारों एवं बाल कलाकारों को आशीर्वाद प्रदान किया।

झूलेश्वर महादेव का माता विंध्यवासिनी स्वरूप में विशेष श्रृंगार
कार्यक्रम से पूर्व झूलेलाल मंदिर स्थित झूलेश्वर महादेव शिवलिंग का विशेष श्रृंगार किया गया। इस अवसर पर भगवान शिव बाबा को माता विंध्यवासिनी का स्वरूप प्रदान किया गया, जो श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। सिंध समाज की दिव्या राजपूत, चंचल भोजवानी, लक्ष्मी रंझानी द्वारा माता के स्वरूप में विशेष श्रृंगार किया गया। मंदिर परिसर में सजे इस दिव्य स्वरूप को देखने बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे।

सर्वसमाज के लिए लंगर प्रसादी
महिला मंडल द्वारा आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम के पश्चात सर्वसमाज के लिए लंगर प्रसादी का आयोजन किया गया। समाज एवं अन्य वर्गों के लोगों ने पंक्तिबद्ध होकर प्रसादी ग्रहण की। आयोजन में सामाजिक समरसता और सेवा की भावना स्पष्ट रूप से दिखाई दी।
मंगलवार को आयोजित संपूर्ण कार्यक्रम की जिम्मेदारी झूलेलाल मंडल परिवार के देवानंद भोजवानी को सौंपी गई थी। उनके नेतृत्व में कार्यक्रम का सफल एवं व्यवस्थित आयोजन किया गया। झूलेलाल मंडल परिवार, झूलेलाल महिला मंडल परिवार, पूज्य सिंधी पंचायत सहित समाज की विभिन्न इकाइयों के सदस्यों ने बड़ी संख्या में सहभागिता निभाई। सभी इकाइयों के सदस्यों ने आयोजन में बढ़-चढ़कर अपनी सेवाएं प्रदान कीं।

40 दिवसीय अनुष्ठान में प्रतिदिन हो रही विशेष पूजा-अर्चना
उल्लेखनीय है कि 40 दिनों तक चलने वाले इस धार्मिक आयोजन के दौरान सिंध समाज के लोग प्रतिदिन सुबह एवं शाम विशेष पूजा-अर्चना, पल्लव एवं अरदास के साथ चालीहा पाठ का पाठ कर भगवान झूलेलाल जी की आराधना कर रहे हैं। समाजजन उपवास एवं अन्य धार्मिक अनुष्ठानों के माध्यम से जल एवं ज्योत के देवता भगवान श्री झूलेलाल जी से देश-प्रदेश सहित धमतरी जिले की सुख-समृद्धि, शांति एवं खुशहाली की कामना कर रहे हैं।
चालीहा महोत्सव के माध्यम से धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक एकता, सेवा, सांस्कृतिक संरक्षण और जनजागरूकता का संदेश भी दिया जा रहा है। महिला मंडल द्वारा प्रस्तुत "मोबाइल—वरदान या अभिशाप" कार्यक्रम ने इसी उद्देश्य को सार्थक करते हुए आधुनिक तकनीक के प्रति जागरूक एवं संतुलित दृष्टिकोण अपनाने का प्रभावी संदेश दिया।

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